सिरसा के स्कूल में पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता शिविर, बच्चों को बताए गए उनके अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरसा ने 17 जुलाई 2026 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नेजाडेला कलां में पॉक्सो अधिनियम एवं विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के उपलक्ष्य में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर में विद्…
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरसा ने 17 जुलाई 2026 को विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नेजाडेला कलां में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
पॉक्सो अधिनियम की दी गई विस्तृत जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बागोतिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों तथा लैंगिक अपराधों से संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है और इसके तहत अपराधियों को सख्त सजा का प्रावधान है। बच्चों को यह भी बताया गया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें।
हरियाणा में इन कृषि यंत्रों पर फिर शुरू हुई 50% सब्सिडी, 3 अगस्त तक करें आवेदन
विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस का महत्व
संतोष बागोतिया ने विद्यार्थियों को विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को हर साल विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के कार्यों का समर्थन करना है। यह दिवस 17 जुलाई 1998 को रोम संधि को अपनाने की याद दिलाता है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की स्थापना की थी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बच्चों को कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
पैनल अधिवक्ता रजिंदर कौर तथा पैरा लीगल वालंटियर सुखदेव सिंह ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली नि:शुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति नालसा हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर नि:शुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित की जाती है और इसका उद्देश्य पात्र व्यक्तियों, विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में रही बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान जिला लीगल लिटरेसी इंचार्ज नरेंद्र सिंह, विद्यालय का शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिविर के अंत में छात्रों ने पॉक्सो अधिनियम और कानूनी सहायता से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। इस तरह के आयोजन बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








