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हरियाणा में 9700 करोड़ रुपये से बनेंगे 5 बड़े बाईपास, हिसार-कुरुक्षेत्र से जींद और पलवल तक मिलेगा जाम से राहत

हरियाणा में करीब 9700 करोड़ रुपये से हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल क्षेत्र में पांच बड़े बाईपास और रिंग रोड प्रोजेक्ट आगे बढ़ाए जाएंगे।

हरियाणा में 9700 करोड़ रुपये के पांच बड़े बाईपास प्रोजेक्ट
हरियाणा में 9700 करोड़ रुपये के पांच बड़े बाईपास प्रोजेक्ट

चंडीगढ़, 11 सितंबर। हरियाणा के हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पांच बड़े बाईपास और रिंग रोड प्रोजेक्ट आगे बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्गों से आने वाले ट्रैफिक को शहरों के बाहर से निकालना है, जिससे शहरी इलाकों में जाम और भारी वाहनों का दबाव कम हो सके। एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड तथा नेशनल हाईवे विकसित करने के लिए केंद्र की नीति के अनुसार वित्तीय मॉडल भी तैयार किया जाएगा।

हिसार से पलवल तक इन 5 प्रोजेक्ट पर होगा काम

हिसार बाईपास को हिसार-राजगढ़ रोड एनएच-52 से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पहले भी मंजूरी मिल चुकी है और इसकी प्रस्तावित लंबाई करीब 41 किलोमीटर बताई गई है।

कुरुक्षेत्र क्षेत्र में कनेक्टिंग बाईपास की डीपीआर तैयार हो चुकी है। भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। केंद्र की अधिसूचना के अनुसार इस बाईपास की लंबाई करीब 27.9 किलोमीटर है।

नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा, जिसे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा।

जींद शहर के दूसरी तरफ बाहरी रिंग रोड और एनएच-352 पर चार लेन सड़क विकसित की जाएगी।

सोहना-पलवल के बीच एनएच-919 पर करीब 24 किलोमीटर हिस्से को दोबारा डिजाइन कर चार लेन सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है।

अलग-अलग स्टेज पर हैं बाईपास प्रोजेक्ट

पांचों परियोजनाएं एक ही स्टेज पर नहीं हैं। हिसार बाईपास को अगस्त 2025 में भी राज्य स्तर पर मंजूरी मिल चुकी थी, जबकि कुरुक्षेत्र बाईपास में डीपीआर और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

सोहना-पलवल एनएच-919 प्रोजेक्ट में भी सड़क को चार लेन करने और जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पर काम पहले से चल रहा है। 11 सितंबर की बैठक में इन प्रोजेक्ट्स को राज्य के वित्तीय योगदान और आगे की निर्माण प्रक्रिया के स्तर पर एक साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।

शहर के अंदर कम होगा भारी ट्रैफिक

इन बाईपास और बाहरी रिंग रोड के बनने से नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहनों को शहर के अंदर जाने की जरूरत कम होगी। इससे हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और पलवल-सोहना क्षेत्र में मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।

सरकार ने परियोजनाओं में राज्य और केंद्र की लागत हिस्सेदारी तय करने के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई है।

बैठक में करनाल रिंग रोड, अंबाला रिंग रोड और डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी से जोड़ने से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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