IGNOU July 2026 Admission: लास्ट डेट बढ़कर 13 अक्टूबर, जानें किन कोर्स में भर सकते हैं फॉर्म
लोकल हरियाणा, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू में जुलाई 2026 सेशन में एडमिशन से चूक गए विद्यार्थियों को एक और मौका मिला है। विश्वविद्यालय ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को फ्रेश एडमिशन की अं…

लोकल हरियाणा, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू में जुलाई 2026 सेशन में एडमिशन से चूक गए विद्यार्थियों को एक और मौका मिला है। विश्वविद्यालय ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को फ्रेश एडमिशन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 13 अक्टूबर 2026 कर दी है। बढ़ी हुई तारीख ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड के अधिसूचित प्रोग्राम पर लागू होगी। हालांकि सर्टिफिकेट और सेमेस्टर-आधारित प्रोग्राम इस तारीख बढ़ोतरी में शामिल नहीं हैं।
इग्नू ने साफ किया है कि यह मौका फ्रेश एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए है। यानी जो छात्र जुलाई 2026 सेशन में किसी नए पात्र प्रोग्राम में दाखिला लेना चाहते हैं, वे 13 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
13 अक्टूबर तक किन कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं?
इग्नू के जुलाई 2026 सेशन में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड में उपलब्ध अधिसूचित स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में आवेदन किया जा सकता है।
स्नातक स्तर पर बीए, बीबीए, बीकॉम, बीसीए, बीएससी और बीएसडब्ल्यू समेत कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर एमए के अलग-अलग विषय, एमबीए, एमसीए और एमकॉम समेत अन्य प्रोग्राम में पात्र विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
किसी कोर्स का नाम देखकर सीधे फॉर्म नहीं भरना चाहिए। हर प्रोग्राम की योग्यता, फीस और अवधि अलग हो सकती है। आवेदन के समय एडमिशन पोर्टल पर जो प्रोग्राम उपलब्ध दिखाई दे रहा है, उसी की मौजूदा पात्रता देखकर फॉर्म भरना होगा।
इग्नू जुलाई 2026 एडमिशन के लिए ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम में फ्रेश एडमिशन के लिए विद्यार्थी इग्नू के समर्थ एडमिशन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।
सबसे पहले नया रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद लॉगिन कर चुना हुआ प्रोग्राम, व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। फॉर्म सबमिट करने से पहले प्रीव्यू में सभी जानकारी जांचना जरूरी है। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद या कॉपी सेव कर लें।
ऑनलाइन मोड में चलने वाले प्रोग्राम के लिए इग्नू का अलग ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल उपलब्ध है। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को आवेदन से पहले अपार आईडी तैयार रखने की सलाह भी दी है।
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इग्नू एडमिशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
मौजूदा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग एडमिशन पोर्टल के मुताबिक आवेदन शुरू करने से पहले विद्यार्थी को मुख्य रूप से ये फाइलें तैयार रखनी चाहिए—
- सफेद बैकग्राउंड वाली साफ रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो
- विद्यार्थी के सिग्नेचर
- संबंधित शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज
- अनुभव प्रमाण पत्र, अगर कोर्स के लिए जरूरी हो
- एससी, एसटी या ओबीसी सर्टिफिकेट, अगर लागू हो
फोटो और सिग्नेचर की फाइल 100 केबी से कम रखनी है, जबकि शैक्षणिक और कैटेगरी दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी 200 केबी से कम जेपीईजी या पीडीएफ फॉर्मेट में मांगी जा रही है।
इग्नू ने जुलाई 2026 एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को अपार आईडी तैयार रखने के लिए भी कहा है।
इग्नू में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
फ्रेश एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।
सबसे पहले विद्यार्थी को इग्नू के संबंधित एडमिशन पोर्टल पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना होगा और इन्हें ओटीपी से वेरिफाई किया जाएगा।
इसके बाद सामान्य प्रक्रिया इस तरह रहेगी—
- नया रजिस्ट्रेशन करें।
- यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- अपना प्रोग्राम चुनें।
- व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।
- फोटो, सिग्नेचर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- प्रोग्राम की फीस ऑनलाइन जमा करें।
- फॉर्म का प्रीव्यू देखकर सभी जानकारी दोबारा चेक करें।
- आवेदन सबमिट कर उसकी कॉपी सेव कर लें।
फीस क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई के जरिए जमा की जा सकती है।
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के लिए अलग एडमिशन पोर्टल और पूरी तरह ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए अलग पोर्टल है।
डिस्टेंस और ऑनलाइन कोर्स में क्या फर्क है?
फॉर्म भरते समय यह फर्क समझना जरूरी है।
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग में विद्यार्थी इग्नू के लर्नर सपोर्ट या स्टडी सेंटर से जुड़ा रहता है और प्रोग्राम की व्यवस्था डिस्टेंस मोड के हिसाब से होती है।
वहीं ऑनलाइन प्रोग्राम लेने वाले विद्यार्थी के पास कंप्यूटर या लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा होना जरूरी है। इग्नू ने साफ बताया है कि ऑनलाइन प्रोग्राम के विद्यार्थियों को प्रिंटेड स्टडी मटेरियल नहीं दिया जाता।
अगर विद्यार्थी पूरी तरह ऑनलाइन पढ़ाई करने में सहज नहीं है तो इग्नू खुद उसे ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड चुनने की सलाह देता है।
इसलिए केवल कोर्स का नाम देखकर मोड न चुनें।
फ्रेश एडमिशन और री-रजिस्ट्रेशन में क्या अंतर है?
यहां विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा कंफ्यूजन हो सकता है।
फ्रेश एडमिशन उन विद्यार्थियों के लिए है जो इग्नू के किसी नए प्रोग्राम में पहली बार एडमिशन ले रहे हैं।
री-रजिस्ट्रेशन उन विद्यार्थियों के लिए है जो पहले से इग्नू में पढ़ रहे हैं और अपने अगले साल या अगले सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।
जुलाई 2026 सेशन के री-रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख भी 15 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है, लेकिन इसके साथ ₹200 लेट फीस देनी होगी।
इसलिए नए विद्यार्थी री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आवेदन न करें।
एडमिशन के बाद स्टडी सेंटर बदल सकते हैं?
हां, जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी अपने लर्नर सपोर्ट सेंटर यानी स्टडी सेंटर और रीजनल सेंटर में बदलाव के लिए अनुरोध कर सकता है।
इग्नू के नियमों के अनुसार विद्यार्थी अपने अकाउंट से बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और संबंधित रीजनल सेंटर को भी इसकी जानकारी देनी होती है। दूसरे रीजन में ट्रांसफर के मामलों में पुराने और नए रीजनल सेंटर के बीच विद्यार्थी का रिकॉर्ड ट्रांसफर किया जाता है।
हालांकि नया स्टडी सेंटर मिलने में वहां संबंधित प्रोग्राम उपलब्ध होना और सीट जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं। प्रैक्टिकल वाले कुछ प्रोग्राम में एनओसी की जरूरत भी पड़ सकती है।
इसलिए दूसरे शहर या राज्य में जाने वाले विद्यार्थी का एडमिशन सिर्फ इसी कारण बेकार नहीं हो जाता, लेकिन सेंटर बदलने की प्रक्रिया इग्नू के नियमों के अनुसार पूरी करनी होती है।
एडमिशन कैंसिल करने पर फीस वापस मिलेगी?
इग्नू के मौजूदा एडमिशन पोर्टल के अनुसार आवेदन कैंसिल करने का विकल्प विद्यार्थी के लॉगिन में दिया गया है।
अगर एडमिशन अभी कन्फर्म नहीं हुआ है तो नियमों के अनुसार जमा फीस वापस हो सकती है, हालांकि रजिस्ट्रेशन फीस वापस नहीं होती।
एडमिशन कन्फर्म होने के बाद कैंसिलेशन की रिक्वेस्ट आने पर प्रोग्राम फीस का 15 प्रतिशत, अधिकतम ₹2,000 तक काटा जा सकता है। एडमिशन की क्लोजिंग डेट के 60 दिन बाद फीस रिफंड नहीं किया जाता।
इसलिए प्रोग्राम, माध्यम और फीस अच्छी तरह देखकर ही एडमिशन फाइनल करना बेहतर है।
कामकाजी या नियमित कॉलेज नहीं जा पाने वाले विद्यार्थी भी ले सकते हैं एडमिशन
इग्नू की पढ़ाई का मॉडल खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए उपयोगी है जो नियमित कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं जा पाते।
इसमें नौकरी करने वाले व्यक्ति, गृहिणियां, दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी, दिव्यांगजन और बीच में पढ़ाई छोड़ चुके शिक्षार्थी अपनी पात्रता के अनुसार उपलब्ध प्रोग्राम चुन सकते हैं।
लेकिन हर विद्यार्थी को 15 सितंबर की तारीख देखकर जल्दबाजी में कोई भी कोर्स नहीं चुनना चाहिए। पहले कोर्स की योग्यता, फीस, पढ़ाई का मोड और अवधि चेक करें और उसके बाद ही आवेदन पूरा करें।
फ्रेश एडमिशन के लिए 15 सितंबर तक मौका है और सर्टिफिकेट प्रोग्राम इस बढ़ी हुई तारीख में शामिल नहीं हैं।








