हरियाणा के 250 पीएम श्री स्कूल होंगे अपडेट, स्मार्ट क्लास से आधुनिक लैब तक मिलेंगी ये सुविधाएं
हरियाणा के 250 पीएम श्री सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार, 21 सितंबर को चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने इन स्कू…

- 250 पीएम श्री स्कूलों में बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
- पहले 23 तरह की सुविधाओं की हुई जांच
- 10 बैगलेस दिनों के लिए 9.3 करोड़ मंजूर
हरियाणा के 250 पीएम श्री सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार, 21 सितंबर को चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने इन स्कूलों में लाइब्रेरी, ग्रीन कैंपस, डिजिटल और स्मार्ट क्लासरूम के साथ आधुनिक लैब विकसित करने के निर्देश दिए। स्कूलों में खेल सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी और स्थानीय जरूरत के हिसाब से खेल का सामान दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के कायाकल्प का काम तय समय में पूरा करने को कहा है। काम में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। खास बात यह है कि इन स्कूलों को अपडेट करने से पहले विभाग इनकी मौजूदा सुविधाओं की जांच भी करा चुका है। जुलाई में 250 स्कूलों से 23 तरह की सुविधाओं की स्थिति मांगी गई थी, ताकि जिस स्कूल में जिस सुविधा की कमी है, उसके हिसाब से आगे का काम किया जा सके।
23 सुविधाओं की जांच के बाद तैयार हो रहा स्कूलों को अपडेट करने का प्लान
250 पीएम श्री स्कूलों में सभी जगह एक जैसी नई सुविधा लगाने के बजाय पहले मौजूदा व्यवस्था और कमियों की पहचान की गई है। जुलाई में शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की 23 तरह की सुविधाओं की रिपोर्ट मांगी थी।
इसमें क्लासरूम, कंप्यूटर और साइंस लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान, चारदीवारी, पीने का पानी, बिजली, लड़के-लड़कियों के शौचालय, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप, स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब और स्टेम लैब जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
इसके अलावा मिड-डे मील स्टोर, किचन शेड, वर्षा जल संचयन और विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी इस जांच का हिस्सा रही है।
इससे साफ है कि 21 सितंबर की बैठक में जिन स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और आधुनिक लैब को विकसित करने की बात कही गई है, उससे पहले स्कूलों में मौजूद सुविधाओं और कमियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।
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250 स्कूल अलग-अलग चरणों में चुने गए, अब सुविधाओं पर फोकस
हरियाणा में पीएम श्री योजना के तहत राज्य सरकार से जुड़े इन 250 स्कूलों का चयन एक साथ नहीं हुआ था। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक पहले चरण में 124, दूसरे में 111, तीसरे में 6 और पांचवें चरण में 9 स्कूल चुने गए। इस तरह कुल संख्या 250 हुई।
पीएम श्री योजना का मकसद केवल स्कूल की इमारत को बेहतर करना नहीं है। इसके तहत डिजिटल पढ़ाई, बेहतर लैब, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, ग्रीन स्कूल और नई शिक्षा नीति से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को भी स्कूल स्तर पर मजबूत किया जाना है।
हरियाणा के कुछ पीएम श्री स्कूलों में इन सुविधाओं का इस्तेमाल पहले से दिखाई भी देता है। हिसार के गंगवा स्थित पीएम श्री सरकारी स्कूल की सार्वजनिक जानकारी में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग, साइंस और कंप्यूटर लैब, अटल टिंकरिंग लैब, खेल मैदान और ग्रीन कैंपस जैसी सुविधाएं दर्ज हैं। वहीं टोहाना के पीएम श्री स्कूल में दो कंप्यूटर लैब में 20-20 कंप्यूटर और इंटरनेट आधारित पढ़ाई की सुविधा बताई गई है।
अब सरकार का फोकस सभी चयनित स्कूलों में जरूरत के हिसाब से सुविधाओं की कमी दूर करने पर है।
10 बैगलेस दिन भी होंगे, 9.3 करोड़ रुपये का बजट
इन 250 स्कूलों में बदलाव केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान विद्यार्थियों के लिए 10 दिन का बैगलेस लर्निंग प्रोग्राम भी तैयार किया गया है। इसके लिए करीब 9.3 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इन दिनों विद्यार्थियों को सामान्य किताबों से अलग व्यावहारिक गतिविधियों, स्थानीय कामकाज और अलग-अलग हुनर को समझने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कारीगरों, किसानों और दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों से सीखने तथा फील्ड गतिविधियों की व्यवस्था की जानी है।
यानी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और लैब तैयार करने के साथ पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव की तैयारी चल रही है।
स्कूलों में खेल का सामान स्थानीय जरूरत देखकर मिलेगा
21 सितंबर की बैठक में सरकारी स्कूलों की खेल सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल स्तर से खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन देने के लिए अच्छी गुणवत्ता का खेल सामान उपलब्ध कराया जाएगा।
हर स्कूल को एक जैसी खेल सामग्री देने के बजाय उस क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि और स्थानीय जरूरत के हिसाब से सामान देने की बात कही गई है। सरकार इसे 2036 ओलंपिक की लंबी अवधि की तैयारी से भी जोड़ रही है।
बैठक में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक स्वपनिल रवींद्र पाटिल और विभाग के दूसरे अधिकारी मौजूद रहे।








