हरियाणा में स्टार्टअप के लिए नया अभियान शुरू, 23 जिलों में तलाशे जाएंगे उद्यमी; 50 का होगा चयन
हरियाणा स्टार्टअप के लिए 23 जिलों में अभियान। हरियाणा के सभी 23 जिलों में नए उद्यमियों और स्टार्टअप की तलाश के लिए “स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प – विचार से विस्तार तक” अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैन…

- स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प अभियान तीन महीने तक सभी 23 जिलों में चलेगा।
- प्रदेश में 3 लाख से ज्यादा उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचने का लक्ष्य है और आखिर में 50 का चयन होगा।
- हरियाणा स्टार्टअप नीति के तहत पात्र स्टार्टअप को अधिकतम 10 लाख रुपये तक सीड फंडिंग मिल सकती है।
हरियाणा स्टार्टअप के लिए 23 जिलों में अभियान। हरियाणा के सभी 23 जिलों में नए उद्यमियों और स्टार्टअप की तलाश के लिए “स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प – विचार से विस्तार तक” अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से इसकी शुरुआत की। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का यह अभियान तीन महीने तक चलेगा।
अभियान के दौरान प्रदेश में 3 लाख से ज्यादा नए उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से आखिर में 50 हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप और नए उद्यमियों का चयन किया जाएगा। कार्यक्रम का मकसद गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े स्टार्टअप केंद्रों से बाहर भी नए बिजनेस आइडिया और उद्यमियों को आगे लाना है।
सभी 23 जिलों में खोजे जाएंगे नए बिजनेस आइडिया
तीन महीने के इस अभियान में हरियाणा के सभी जिलों को शामिल किया जाएगा। फोकस ऐसे युवाओं और उद्यमियों पर भी रहेगा जिनके पास बिजनेस का नया आइडिया है, लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए सही प्लेटफॉर्म, मेंटरशिप या नेटवर्क नहीं मिल पाया है।
स्टार्टअप हरियाणा के मुताबिक प्रदेश में अभी 12 हजार से ज्यादा DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। सरकार स्टार्टअप को फंडिंग, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और दूसरी सहायता देने के लिए हरियाणा स्टार्टअप नीति-2022 के तहत भी अलग-अलग योजनाएं चला रही है।
सरकारी लाभ चाहिए तो DPIIT मान्यता जरूरी
नए सेवा संकल्प अभियान में उद्यमियों की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अलग है। वहीं हरियाणा स्टार्टअप नीति के तहत सीधे वित्तीय लाभ लेने के लिए अलग पात्रता तय है।
हरियाणा स्टार्टअप में रजिस्ट्रेशन के लिए स्टार्टअप का DPIIT से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। सीधे वित्तीय लाभ लेने वाले स्टार्टअप का रजिस्टर्ड ऑफिस हरियाणा में होना चाहिए। कंपनी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और किसी वित्त वर्ष में सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
हरियाणा स्टार्टअप नीति के तहत पात्र स्टार्टअप को किराये की प्रतिपूर्ति, पेटेंट खर्च, सीड फंडिंग, नेट SGST, क्लाउड स्टोरेज और एक्सेलेरेशन प्रोग्राम से जुड़े लाभ मिल सकते हैं।
स्टार्टअप को अधिकतम 10 लाख रुपये तक सीड फंडिंग
हरियाणा सरकार की सीड फंडिंग स्कीम के तहत चुने गए पात्र स्टार्टअप को अधिकतम 10 लाख रुपये तक सीड ग्रांट मिल सकती है। इसके लिए स्टार्टअप का हरियाणा स्टार्टअप में रजिस्टर्ड होना जरूरी है।
यह पैसा बिजनेस आइडिया की जांच, प्रोटोटाइप तैयार करने, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, फील्ड या मार्केट रिसर्च, मार्केटिंग, स्किल ट्रेनिंग और शुरुआती गतिविधियों पर खर्च किया जा सकता है। सीड फंडिंग हर आवेदन करने वाले स्टार्टअप को अपने आप नहीं मिलती, बल्कि तय प्रक्रिया के बाद चुने गए स्टार्टअप को दी जाती है।
हरियाणा स्टार्टअप में रजिस्ट्रेशन के लिए फीस नहीं
पात्र स्टार्टअप हरियाणा स्टार्टअप के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन या दूसरी सेवाओं के लिए कोई फीस नहीं ली जाती।
अगर आवेदन पूरा है और उसमें कोई कमी नहीं मिलती तो रजिस्ट्रेशन पर फैसला करने के लिए 30 दिन की समय सीमा तय है। आवेदन में कोई कमी मिलने पर जरूरी जानकारी या दस्तावेज जमा करने के लिए आवेदक को 10 दिन का समय मिलता है।
हालांकि सीड फंडिंग समेत अलग-अलग वित्तीय योजनाओं की मंजूरी का समय एक जैसा नहीं है। सीड फंडिंग के लिए किसी तिमाही में मिले आवेदन अगली तिमाही में मूल्यांकन और मंजूरी समिति के सामने रखे जाते हैं।
सेवा संकल्प अभियान में चुने जाने वाले 50 स्टार्टअप और उद्यमियों की चयन प्रक्रिया, जिलेवार कार्यक्रम और अगले चरणों की पूरी जानकारी अभी अलग से जारी होनी है। इसलिए इस अभियान में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को स्टार्टअप हरियाणा की आगे आने वाली सूचना पर नजर रखनी होगी।








