हरियाणा में भ्रष्टाचार की शिकायत अब मोबाइल से, सतर्क’ ऐप से भेज सकेंगे फोटो-वीडियो
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत और जानकारी अब मोबाइल के जरिए सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तक पहुंचाई जा सकेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को हर…

- भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे एसीबी तक भेज सकेंगे
- फोटो, वीडियो और ऑडियो भी कर सकेंगे अपलोड
- सभी 23 जिलों के एसीबी अधिकारियों की मिलेगी जानकारी
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत और जानकारी अब मोबाइल के जरिए सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तक पहुंचाई जा सकेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को हरियाणा सचिवालय में ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया। ऐप के जरिए शिकायत के साथ फोटो, वीडियो, ऑडियो और दूसरे डिजिटल सबूत भी भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है।
जिले के एसीबी अधिकारी का नंबर और लोकेशन भी मिलेगी
‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप में प्रदेश के सभी 23 जिलों को जोड़ा गया है। संबंधित जिला चुनने पर वहां के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर देखा जा सकेगा। ऐप में संबंधित कार्यालय की लोकेशन भी उपलब्ध होगी और गूगल लोकेशन के जरिए वहां पहुंचने का रास्ता देखा जा सकेगा।
ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अलग-अलग रेंज और जिला इकाइयों के कार्यालय, फोन नंबर और संपर्क विवरण उपलब्ध हैं।
एसीबी अधिकारी की शिकायत भी वरिष्ठ अफसर तक पहुंचेगी
ऐप में एसीबी के किसी अधिकारी या कर्मचारी के व्यवहार को लेकर शिकायत करने का विकल्प भी दिया गया है। अगले स्तर पर संबंधित पुलिस अधीक्षक का नाम, मोबाइल नंबर और कार्यालय की लोकेशन उपलब्ध होगी।
इसके अलावा नियमानुसार उपलब्ध एफआईआर की कॉपी भी ऐप से डाउनलोड की जा सकेगी। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की वेबसाइट पर पहले से अलग-अलग रेंज की एफआईआर ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती हैं।
अभी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है ऐप
‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसे बाद में एप्पल ऐप स्टोर पर भी उपलब्ध कराने की योजना है। ऐप में एसीबी की हेल्पलाइन से सीधे जुड़ने की सुविधा भी दी गई है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने ऐप लॉन्च के दौरान कहा कि शिकायत और सूचना तथ्य आधारित होनी चाहिए। उन्होंने जानबूझकर गलत, भ्रामक या फर्जी डिजिटल सामग्री को सही जानकारी के रूप में अपलोड करने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही।








