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रोहतक में पुराने वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी, सड़क या घर पर मिले तो भेजे जाएंगे स्क्रैप सेंटर

रोहतक में आयु सीमा पूरी कर चुके 7,667 पेट्रोल और डीजल वाहन चिन्हित किए गए हैं। वाणिज्यिक वाहन मालिकों को दिया गया समय खत्म हो चुका है और अब परिवहन विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।

रोहतक में आयु सीमा पूरी कर चुके 7,667 पेट्रोल और डीजल वाहन चिन्हित किए गए हैं। वाणिज्यिक वाहन मालिकों को दिया गया समय खत्म हो चुका है और अब परिवहन विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।
रोहतक में आयु सीमा पूरी कर चुके 7,667 पेट्रोल और डीजल वाहन चिन्हित किए गए हैं। वाणिज्यिक वाहन मालिकों को दिया गया समय खत्म हो चुका है और अब परिवहन विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।

लोकल हरियाणा, रोहतक। रोहतक में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके पेट्रोल और डीजल वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती की तैयारी कर ली है। जिले में ऐसे 7,667 वाहन चिन्हित किए गए हैं। इनमें 1,256 पेट्रोल और 6,411 डीजल वाहन शामिल हैं। वाणिज्यिक वाहन मालिकों को एक महीने पहले एनडीसी लेकर वाहन एनसीआर से बाहर भेजने या स्क्रैप करवाने का समय दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है।

जिला परिवहन अधिकारी वीरेंद्र सिंह ढुल के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले चिन्हित वाहनों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें कार्रवाई करेंगी। विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि ऐसे वाहन सड़क पर चलाते हुए या घर पर खड़े मिले तो उन्हें स्क्रैप सुविधा केंद्र भेजा जा सकता है।

रोहतक में कितने पुराने वाहन चिन्हित हुए?

परिवहन विभाग ने जिले में कुल 7,667 ऐसे वाहन चिन्हित किए हैं, जिनकी निर्धारित आयु सीमा पूरी हो चुकी है।

इनमें:

वाहनसंख्या
पेट्रोल वाहन1,256
डीजल वाहन6,411
कुल7,667

पेट्रोल वाहनों में 16 बीएस-1, 70 बीएस-2, 945 बीएस-3 और 225 बीएस-4 वाहन शामिल बताए गए हैं।

इसी तरह चिन्हित डीजल वाहनों में 131 बीएस-1, 238 बीएस-2, 2,247 बीएस-3 और 3,795 बीएस-4 वाहन शामिल हैं।

पेट्रोल और डीजल वाहन की आयु सीमा कितनी है?

एनसीआर में पुराने वाहनों को लेकर लंबे समय से डीजल वाहन के लिए 10 साल और पेट्रोल वाहन के लिए 15 साल की आयु सीमा का नियम लागू रहा है। सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश में भी इस आयु सीमा से अधिक पुराने वाहनों को एनसीआर की सड़कों पर चलाने से रोकने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन वाहन मालिकों के लिए यहां बीएस मानक समझना भी जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुए स्पष्ट किया था कि बीएस-4 और उससे नए मानक वाले पुराने वाहनों पर केवल उम्र के आधार पर जबरन कार्रवाई नहीं की जाए, जबकि बीएस-3 और उससे नीचे के 10 साल से पुराने डीजल तथा 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की जा सकती है।

इसलिए किसी वाहन पर वास्तविक कार्रवाई उसकी उम्र के साथ उसके बीएस मानक और उस समय लागू न्यायालय तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों के अनुसार तय होगी।

घर पर खड़ा पुराना वाहन भी उठाया जा सकता है?

रोहतक परिवहन विभाग की ताजा चेतावनी में कहा गया है कि जिन चिन्हित वाहन मालिकों को समय दिया गया था और उन्होंने निर्धारित कार्रवाई नहीं की, उनके वाहन सड़क पर या घर पर पाए जाने पर भी स्क्रैप सुविधा केंद्र भेजे जा सकते हैं।

यह चेतावनी विशेष रूप से उन वाणिज्यिक वाहन मालिकों के संदर्भ में सामने आई है, जिन्हें एक महीने पहले नोटिस देकर वाहन एनसीआर से बाहर भेजने या स्क्रैप करवाने का मौका दिया गया था।

इसलिए यह नहीं माना जाना चाहिए कि रोहतक में खड़े हर 10 साल पुराने डीजल या 15 साल पुराने पेट्रोल निजी वाहन को बिना उसके बीएस मानक और कानूनी स्थिति देखे सीधे उठा लिया जाएगा।

नोटिस मिलने के बाद वाहन मालिक के पास क्या विकल्प है?

वाणिज्यिक वाहन मालिकों को परिवहन विभाग ने मुख्य रूप से दो विकल्प दिए थे।

पहला, वाहन की एनडीसी लेकर उसे एनसीआर क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है।

दूसरा, वाहन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत स्क्रैप सुविधा केंद्र पर स्क्रैप करवाया जा सकता है।

विभाग का कहना है कि नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद भी प्रक्रिया नहीं अपनाने वाले वाहनों पर अब कार्रवाई की जाएगी।

स्क्रैप किए गए वाहन के पैसे का क्या होगा?

परिवहन विभाग की चेतावनी के अनुसार कार्रवाई के दौरान वाहन सीधे स्क्रैप सुविधा केंद्र भेजे जाने की स्थिति में स्क्रैप से मिलने वाली राशि जिला खजाना कार्यालय में जमा करवाई जाएगी।

इसलिए जिन वाणिज्यिक वाहन मालिकों को पहले नोटिस मिल चुका है, उनके लिए विभाग ने खुद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है।

पुराना वाणिज्यिक वाहन बदलने पर क्या फायदा मिलेगा?

हरियाणा सरकार की परिवर्तन योजना के तहत एनसीआर क्षेत्र में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहन बदलने वाले पात्र मालिकों को कई तरह की राहत देने का प्रावधान किया गया है।

रोहतक प्रशासन ने 1 अक्टूबर को वाहन मालिकों से इस योजना का लाभ लेने की अपील भी की थी। योजना का उद्देश्य पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की जगह कम प्रदूषण फैलाने वाले नए वाहन लाना है।

3 अक्टूबर को रोहतक में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से परिवर्तन योजना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जिसमें वाहन मालिकों को योजना की पात्रता और मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई।

क्या बीएस-4 वाहन भी स्क्रैप करवाना जरूरी है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

रोहतक में चिन्हित 7,667 वाहनों की सूची में बड़ी संख्या बीएस-4 वाहनों की भी है। इनमें 225 पेट्रोल और 3,795 डीजल बीएस-4 वाहन बताए गए हैं।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेश के अनुसार बीएस-4 और उससे ऊपर के वाहनों को केवल 10 या 15 साल की आयु पूरी होने के आधार पर जबरन कार्रवाई से सुरक्षा दी गई थी। बीएस-3 और उससे नीचे के पुराने वाहनों पर कार्रवाई की अनुमति है।

इस वजह से बीएस-4 वाहन मालिक को केवल वाहन की उम्र देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अपनी आरसी में वाहन का बीएस मानक देखें और अगर परिवहन विभाग का नोटिस मिला है तो आरटीए कार्यालय से वाहन की वर्तमान स्थिति की पुष्टि कराएं।

अपनी गाड़ी का बीएस मानक कैसे पता करें?

वाहन मालिक अपनी आरसी में उत्सर्जन मानक देख सकते हैं। इसमें बीएस-2, बीएस-3, बीएस-4 या बीएस-6 जैसी जानकारी दर्ज हो सकती है।

वाहन के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी परिवहन विभाग की आधिकारिक व्यवस्था से भी जांची जा सकती है। अगर वाहन काफी पुराना है और आरसी में बीएस मानक साफ नहीं दिख रहा तो संबंधित आरटीए कार्यालय से इसकी पुष्टि करवाना बेहतर रहेगा।

सिर्फ इस आधार पर कि वाहन 10 या 15 साल पुराना हो गया है, वर्तमान कानूनी स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं है।

पुराने वाहन मालिक अभी क्या करें?

जिन वाणिज्यिक वाहन मालिकों को परिवहन विभाग का नोटिस मिल चुका है, उन्हें समय रहते एनडीसी लेकर वाहन एनसीआर से बाहर भेजने या अधिकृत स्क्रैप सुविधा केंद्र के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

वहीं बीएस-4 या उससे नए मानक वाले पुराने वाहन मालिक अपने वाहन के खिलाफ किसी कार्रवाई से पहले आरसी, बीएस मानक और वर्तमान न्यायालय आदेश की स्थिति जरूर जांचें।

फिलहाल रोहतक में पुलिस और परिवहन विभाग की विशेष टीमें पुराने तथा निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहनों की जांच के लिए कार्रवाई तेज करने की तैयारी में हैं।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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