8 साल पहले पैरोल पर भागा था मैनपाल, कंबोडिया में बसाया परिवार; अब शादी के लिए मिली 12 घंटे की पैरोल
लोकल हरियाणा, झज्जर। आठ साल पहले जेल से पैरोल पर निकलने के बाद फरार होकर कंबोडिया पहुंचे मैनपाल ढिल्ला को अब अपनी कंबोडियाई साथी मेटा चान से शादी के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली। गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को मैनपाल को…

- 2018 में छह सप्ताह की पैरोल पर निकला था मैनपाल
- फरारी के दौरान कंबोडिया में मेटा चान के साथ बसाया परिवार
- शादी के लिए सुबह 8 से रात 8 बजे तक कस्टडी पैरोल
लोकल हरियाणा, झज्जर। आठ साल पहले जेल से पैरोल पर निकलने के बाद फरार होकर कंबोडिया पहुंचे मैनपाल ढिल्ला को अब अपनी कंबोडियाई साथी मेटा चान से शादी के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली। गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को मैनपाल को सुबह 8 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा में जेल से बाहर लाया गया। झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित दुलीना फार्म में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की। मैनपाल को रात 8 बजे तक वापस जेल पहुंचाने का समय तय किया गया था।
कड़ी सुरक्षा में शादी के लिए पहुंचा दुलीना फार्म
मैनपाल ढिल्ला झज्जर जिले के बादली गांव का रहने वाला है और उम्रकैद की सजा काट रहा है। शादी के लिए उसे सामान्य पैरोल के बजाय 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई। इस दौरान वह पुलिस की निगरानी में रहा। विवाह समारोह के लिए मेटा चान और परिवार के सदस्य भी झज्जर पहुंचे थे।
गुरुवार को पुलिस मैनपाल को सुरक्षा घेरे में दुलीना फार्म लेकर पहुंची। यहां दोनों की शादी की रस्में पूरी हुईं। मैनपाल को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही जेल से बाहर रहने की अनुमति थी।
2018 में पैरोल खत्म होने के बाद नहीं लौटा जेल
मैनपाल को 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी। उसे अगस्त के आखिर तक वापस जेल पहुंचना था, लेकिन वह नहीं लौटा। इसके बाद वह फरार हो गया और बाद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे कंबोडिया पहुंच गया।
कंबोडिया के सिएम रीप में रहने के दौरान उसकी मुलाकात मेटा चान से हुई। दोनों साथ रहने लगे और वहीं परिवार बसाया। मैनपाल वहां कारोबार भी करता रहा।
मैनपाल पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, आपराधिक साजिश और अवैध हथियार सहित कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है। वह तीन मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
रेड नोटिस के बाद कंबोडिया में हुई गिरफ्तारी
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर मैनपाल के खिलाफ 6 नवंबर 2024 को इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ। इसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों ने 24 जुलाई 2025 को उसे गिरफ्तार किया। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2 सितंबर 2025 को उसे भारत लाया गया और हरियाणा एसटीएफ ने हिरासत में लिया।
करीब एक साल बाद 24 सितंबर को वह एक बार फिर जेल से बाहर आया, लेकिन इस बार पूरे 12 घंटे पुलिस कस्टडी में रहा और इसी दौरान मेटा चान के साथ विवाह की रस्में पू








