करनाल, 24 अक्तूबर। जिले में फ्री कानूनी सहायता और सरकारी कानूनी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘न्याय मित्र-न्याय आपके द्वार’ अभियान चलाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से इस दौरान गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कानूनी जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए नए मल्टी-यूटिलिटी वाहन और ट्रैवलर वैन टी-26 को तैनात किया जाएगा। शिविरों में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता, उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप सिंह के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जाएगा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा), पंचकूला के निर्देशों के तहत होने वाले इस अभियान का संचालन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव की देखरेख में किया जाएगा।
मीनाक्षी यादव ने बताया कि अभियान का मकसद समाज के अंतिम व्यक्ति तक मुफ्त कानूनी सहायता और समय पर न्याय से जुड़ी जानकारी पहुंचाना है। इसके तहत कानूनी अधिकारों के साथ बाल विवाह, दहेज प्रथा, नशे से बचाव, मध्यस्थता और लोक अदालत जैसे विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
2 नवंबर को अमुपुर और संभली में लगेंगे शिविर
अभियान की शुरुआत 2 नवंबर को अमुपुर और संभली गांवों में कानूनी जागरूकता शिविरों से होगी। इनमें वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे लोगों और बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कानूनी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
इन शिविरों में मौलिक कर्तव्यों, चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत, बाल विवाह रोकने, नशा मुक्त भारत अभियान, दहेज प्रथा, मध्यस्थता 3.0, वीर परिवार सहायता योजना और ‘मनस न्याय’ जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
हरियाणा में साल 2026 की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर को प्रस्तावित है। अभियान के दौरान लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया और आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
3 से 10 नवंबर तक इन गांवों में पहुंचेंगे जागरूकता शिविर
3 से 10 नवंबर के बीच सिंघड़ा, कुछपुरा, सिरसी, दादुपुर, बीबीपुर जाट्टान, ब्याना (इंद्री), कुटैल, बड़सत, सालवन और अरदाना (असंध) सहित विभिन्न गांवों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त कानूनी सलाह और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। अभियान में ऐसे लोगों तक पहुंचने पर जोर रहेगा, जिन्हें कानूनी सेवाओं या सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती।
11 नवंबर को स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम
11 नवंबर को गोगड़ीपुर और जानी के शैक्षणिक संस्थानों में कानूनी साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शिक्षा के अधिकार और मौलिक अधिकार के रूप में शिक्षा के महत्व के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी।
12 से 25 नवंबर तक डाबरी, रतनगढ़, नावेल, घीड, उचानी, उचाना, भोला खालसा, भोली, जांबा, सांवत, खेड़ा, मटक माजरी, पखाना, राजगढ़, कैमला, कोहंड, बसताड़ा और कालरों (घरौंडा) सहित विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में कानूनी जानकारी के साथ नालसा और हालसा की योजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा।
26 नवंबर को स्कूलों में पढ़ी जाएगी संविधान की प्रस्तावना
संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को कलवेहरी और बूढ़ा खेड़ा के स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और अन्य नागरिकों को संविधान, मौलिक अधिकारों और नागरिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है।
इसके बाद 27 से 30 नवंबर तक मुबारकाबाद, भूंसली, फूसगढ़ और रसूलपुर गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। महीने के आखिरी दिनों में होने वाले इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंदों को मिलेगी कानूनी सहायता की जानकारी
अभियान के दौरान लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता और सलाह लेने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसमें वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए नालसा की योजनाओं की जानकारी भी शामिल होगी।
इसके साथ नशा मुक्त भारत अभियान, नालसा जागृति योजना 2025, राष्ट्रीय लोक अदालत और स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में बताया जाएगा। स्थायी लोक अदालत के जरिए सार्वजनिक उपयोग की सेवाओं से जुड़े कुछ विवादों को निपटाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘लेट्स टॉक मानस न्याय’ अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अलावा आशुलिपि यानी शॉर्टहैंड कौशल सीखने के महत्व के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए कहां संपर्क करें?
कानूनी मदद की जरूरत वाले लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 पर भी कानूनी सहायता के बारे में जानकारी ली जा सकती है। हालसा की आधिकारिक वेबसाइट पर करनाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का संपर्क नंबर 0184-2266138 दर्ज है।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों, दिव्यांग व्यक्तियों, हिरासत में मौजूद लोगों, मानव तस्करी के पीड़ितों और कानून में तय अन्य पात्र श्रेणियों के लोग आवेदन कर सकते हैं। पात्रता और सहायता की प्रक्रिया के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जानकारी ली जा सकती है।





