हरियाणा में धान खरीद पर आज फिर महापंचायत, रात में कई किसान नेता डिटेन; शाहाबाद में पुलिस अलर्ट
लोकल हरियाणा, हरियाणा खरीद पर महापंचायत अपडेट। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर बुधवार, 23 सितंबर को फिर किसान महापंचायत बुलाई गई है। मंगलवार को किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव…

- रात में कई किसान नेताओं को पुलिस ने डिटेन किया
- गुरनाम सिंह चढ़ूनी रातभर धरना स्थल पर रहे
- मंगलवार को NH-44 पर पुलिस ने छोड़े थे आंसू गैस के गोले
- 25-26 सितंबर से खरीद शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आया
लोकल हरियाणा, हरियाणा खरीद पर महापंचायत अपडेट। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर बुधवार, 23 सितंबर को फिर किसान महापंचायत बुलाई गई है। मंगलवार को किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद रात में पुलिस ने कई किसान नेताओं को उनके घरों से डिटेन कर लिया।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी रातभर बराड़ा रोड स्थित धरना स्थल पर मौजूद रहे। किसानों के दोबारा जुटने के एलान के बाद शाहाबाद में पुलिस भी सतर्क है।
मंगलवार को किसान धान की खरीद जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर शाहाबाद में जुटे थे। किसान राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की तरफ बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेडिंग की। कुछ किसान हाईवे तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद किसानों ने बराड़ा रोड पर धरना शुरू कर दिया।
रात में कई किसान नेताओं को किया डिटेन
महापंचायत के एलान के बाद मंगलवार देर रात पुलिस ने कई किसान नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें डिटेन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी संजीव आलमपुर, गांव किरमिच से संजू नंबरदार और लोहार माजरा से किसान नेता प्रिंस वड़ैच को डिटेन किया गया है। पुलिस किसानों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने रातभर धरना स्थल पर रहते हुए किसान और सिख संगठनों से शाहाबाद पहुंचने की अपील की है। आज होने वाली महापंचायत में धान खरीद को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
मंगलवार को हाईवे पर हुआ था किसानों-पुलिस का टकराव
मंगलवार को किसान शहीद ऊधम सिंह स्मारक के पास जुटे थे। यहां प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद किसान दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे-44 की तरफ बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए। किसानों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। कुछ किसान हाईवे पर पहुंच गए थे, जिन्हें बाद में वहां से हटा दिया गया। इसके बाद सामान्य यातायात बहाल कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद किसान बराड़ा रोड पर बैठ गए और धान की खरीद शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
25-26 सितंबर से खरीद का प्रस्ताव भी सामने आया
मंगलवार को बातचीत के दौरान 25 या 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू कराने का प्रस्ताव भी सामने आया था। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने इस पर तत्काल सहमति नहीं दी और कहा कि बुधवार की पंचायत के बाद फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल हरियाणा सरकार की पहले से जारी खरीद तैयारियों में कई जिलों में 1 अक्टूबर से धान खरीद की तारीख दर्ज है। करनाल प्रशासन की 16 सितंबर की आधिकारिक जानकारी में भी जिले की 15 मंडियों में 1 अक्टूबर से खरीद शुरू होने की बात कही गई है। अभी 25 या 26 सितंबर से प्रदेशभर में खरीद शुरू करने की नई आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आई है।
किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है, इसलिए सरकारी खरीद पहले शुरू की जाए। राज्य सरकार भी केंद्र से खरीद की तारीख आगे करने का अनुरोध कर चुकी है।








