Haryana News: हरियाणा में उद्योग लगाने के नियम बदले, अब ऑनलाइन मिलेगी जमीन की मंजूरी, जानें शर्तें
Haryana News: चंडीगढ़। हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए जमीन की मंजूरी लेने के नियम बदल गए हैं। राज्य सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को नए नियम जारी कर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की है। अब पात्र म…

Haryana News: चंडीगढ़। हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए जमीन की मंजूरी लेने के नियम बदल गए हैं। राज्य सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को नए नियम जारी कर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की है। अब पात्र मामलों में कारोबारी अपनी जानकारी और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करके जमीन के औद्योगिक इस्तेमाल की मंजूरी ले सकेंगे। इस तरह मिलने वाली अनुमति को नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक की ओर से दी गई मंजूरी के बराबर माना जाएगा। हालांकि, यह सुविधा हर तरह की जमीन पर उद्योग लगाने की छूट नहीं देती।
ऑनलाइन मंजूरी लेने के लिए क्या करना होगा?
नए नियमों के मुताबिक, उद्योग लगाने के इच्छुक आवेदक को अपनी जमीन और परियोजना से जुड़ी जरूरी जानकारी, दस्तावेज और निर्धारित शर्तों के पालन का प्रमाण खुद देना होगा। इसे स्व-प्रमाणन कहा जाता है। यानी आवेदक खुद पुष्टि करेगा कि उसकी दी गई जानकारी और कागजात सही हैं।
स्व-प्रमाणन के जरिए जमा आवेदन को नियम 26ए के तहत किया गया आवेदन माना जाएगा। ऐसे पात्र औद्योगिक आवेदनों पर नियम 26बी, 26सी और 26डी की सामान्य प्रक्रिया लागू नहीं होगी। इससे मंजूरी लेने की प्रक्रिया आसान होगी।
क्या हर जमीन पर उद्योग लगाने की मंजूरी मिलेगी?
नए नियमों में जमीन के इस्तेमाल को लेकर भी शर्त रखी गई है। जिस जमीन पर उद्योग लगाना है, उसका इस्तेमाल संबंधित क्षेत्र की मंजूर विकास योजना के अनुरूप होना चाहिए।
यानी केवल ऑनलाइन स्व-प्रमाणन करने से किसी भी जमीन पर फैक्ट्री लगाने की छूट नहीं मिलेगी। आवेदक को पहले यह देखना होगा कि उसकी जमीन किस जोन में आती है और वहां औद्योगिक गतिविधि की अनुमति है या नहीं।
गलत जानकारी दी तो मंजूरी शुरू से अमान्य
सरकार ने ऑनलाइन मंजूरी के साथ आवेदक की जिम्मेदारी भी तय की है। अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है, जरूरी तथ्य छिपाता है या भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो उसकी मंजूरी शुरू से ही अमान्य मानी जाएगी।
नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग ने इसके लिए पंजाब अनुसूचित सड़कों तथा नियंत्रित क्षेत्रों में अनियमित विकास पर रोक संबंधी नियम, 1965 में संशोधन किया है।
उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे कारोबारियों को आवेदन से पहले जमीन का निर्धारित उपयोग, जरूरी दस्तावेज और लागू फीस की पुष्टि करनी होगी। नई व्यवस्था का मतलब सभी तरह की मंजूरियां या शुल्क खत्म होना नहीं है। उद्योग लगाने और दूसरी जरूरी मंजूरियों से जुड़ी जानकारी हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।








