हरियाणा में 4 आईएमटी के लिए 14,300 एकड़ जमीन चिह्नित, मारुति से फ्लिपकार्ट तक ये बड़ी कंपनियां करेगी निवेश

लोकल हरियाणा, 13 अक्टूबर। हरियाणा सरकार ने चार जगह औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) के लिए करीब 14,300 एकड़ अतिरिक्त जमीन चिह्नित की है। इसमें खरखौदा, बावल और सोहना की आईएमटी का विस्तार होगा, जबकि कोसली में नई आईएमटी बनेगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने यह जानकारी दी। उनके मुताबिक इससे उद्योग बढ़ेंगे और रोजगार के नए मौके बनेंगे। प्रदेश की आईएमटी में मारुति सुजुकी 18,000 करोड़ रुपये, यूनो-मिंडा 11,000 करोड़ रुपये और एटीएल 7,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं।

हरियाणा में किस आईएमटी के लिए कितनी जमीन चिह्नित हुई?

आईएमटीअतिरिक्त जमीन
खरखौदा (विस्तार)करीब 5,800 एकड़
कोसली (नई आईएमटी)5,000 एकड़
बावल (विस्तार)2,000 एकड़
सोहना (विस्तार)1,500 एकड़

हरियाणा में कहां कितनी जमीन पर आईएमटी का विस्तार होगा?

प्रदेश में अभी मानेसर, रोहतक, बावल, खरखौदा, फरीदाबाद और सोहना में 6 प्रमुख आईएमटी विकसित हैं। अब औद्योगिक गतिविधियों को दूसरे क्षेत्रों तक बढ़ाने की योजना है।

इसके लिए खरखौदा में लगभग 5,800 एकड़, रेवाड़ी जिले के कोसली में 5,000 एकड़, बावल में 2,000 एकड़ और गुरुग्राम जिले के सोहना में 1,500 एकड़ जमीन से जुड़े प्रस्ताव सामने आए हैं।

कोसली में नई आईएमटी बनाने की योजना है, जबकि बाकी क्षेत्रों में मौजूदा औद्योगिक नेटवर्क का विस्तार किया जाना है। सरकार के 28 सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड में फरीदाबाद-पलवल के लिए भी लगभग 9,000 एकड़ तक औद्योगिक विस्तार का अलग प्रस्ताव दर्ज है।

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कौन सी कंपनी कितना निवेश कर रही

कंपनीजमीननिवेश
मारुति सुजुकी800 एकड़18,000 करोड़ रुपये
यूनो-मिंडा94 एकड़11,000 करोड़ रुपये
एटीएल178 एकड़7,000 करोड़ रुपये
फ्लिपकार्ट140 एकड़1,300 करोड़ रुपये
आदित्य बिरला ग्रुप70 एकड़1,140 करोड़ रुपये
डेंसो37 एकड़570 करोड़ रुपये
टोयोटा बोशोकु21 एकड़400 करोड़ रुपये
अमूल10 एकड़300 करोड़ रुपये
यूफ्लेक्स14 एकड़300 करोड़ रुपये
फैवेली ट्रांसपोर्ट5 एकड़200 करोड़ रुपये

इनके अलावा यामाहा, एस्कोर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन आयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, हीरो, टाटा, गूगल, माइक्रोसाफ्ट, सैमसंग और भारत इलेक्ट्रानिक्स जैसी कंपनियां भी प्रदेश में काम कर रही हैं।

क्या सुविधाएं मिलेंगी

अमित अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधा, साफ जमीन मालिकाना हक, पहले से मंजूर औद्योगिक जमीन, सिंगल विंडो मदद और बेहतर सड़क संपर्क पर जोर है। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से कामगार तैयार करने के लिए कौशल विकास केंद्र, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, स्टार्टअप सहायता और इन्क्यूबेशन सुविधाएं भी बनाई जा रही हैं।

पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए 500 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि से सक्षम कोष बनाया गया है।

कोसली आईएमटी के लिए किसान कैसे दे सकते हैं जमीन?

हरियाणा सरकार की 21 जून की जानकारी के अनुसार, कोसली में नई आईएमटी के लिए इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल पर जमीन देने का प्रस्ताव रख सकते हैं। उनके पास लैंड पूलिंग पॉलिसी का विकल्प भी है। जमीन खरीद की प्रक्रिया किसानों की सहमति और लागू नियमों के आधार पर आगे बढ़ाई जानी है।

वहीं पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाएं बेहतर करने के लिए 500 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि वाला सक्षम कोष बनाया गया है। सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में कौशल विकास केंद्र, कर्मचारियों के लिए आवास और छोटे उद्योगों की मदद के लिए साझा सुविधा केंद्र विकसित करने की भी योजना बना रही है।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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