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गुरुग्राम में रिहायशी मकानों का अवैध कमर्शियल इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग के दिए निर्देश

लोकल हरियाणा, गुरुग्राम। रिहायशी मकानों में नियमों के खिलाफ चल रहे पीजी, गेस्ट हाउस और दूसरे कारोबार पर कार्रवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सीलिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा…

गुरुग्राम में रिहायशी मकानों का अवैध कमर्शियल इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ने पहले सीलिंग के दिए निर्देश
गुरुग्राम में रिहायशी मकानों का अवैध कमर्शियल इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ने पहले सीलिंग के दिए निर्देश
खबर की मुख्य बातें
  • भू-उपयोग तय नहीं होने वाले क्षेत्रों में फिलहाल यथास्थिति।
  • अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने के निर्देश।
  • मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

लोकल हरियाणा, गुरुग्राम। रिहायशी मकानों में नियमों के खिलाफ चल रहे पीजी, गेस्ट हाउस और दूसरे कारोबार पर कार्रवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सीलिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिन क्षेत्रों में केवल रिहायशी इस्तेमाल की अनुमति है, वहां कमर्शियल गतिविधि मिलने पर संबंधित परिसर पहले सील किया जाए।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में यह आदेश दिया। गुरुग्राम में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग पहले से स्वीकृत नक्शे और तय उपयोग के उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहा है। सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में सितंबर के दौरान गेस्ट हाउस, पीजी और कार्यालयों पर कार्रवाई हुई है।

गुरुग्राम में पार्किंग की जगह बने कमरों पर भी कार्रवाई

सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में 16 सितंबर को विभाग की तीन टीमों ने 17 से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की थी। इससे पहले दो अभियानों में करीब 27 संपत्तियों पर कार्रवाई हुई थी।

इस दौरान स्टिल्ट पार्किंग में बने कमरे, कार्यालय और दूसरे अनधिकृत निर्माण भी कार्रवाई के दायरे में आए। डीटीपी एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में मंजूर भवन योजना और तय इस्तेमाल का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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जहां भू-उपयोग तय नहीं, वहां फिलहाल यथास्थिति

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उन क्षेत्रों के लिए अलग निर्देश हैं, जिनका उपयोग साफ तौर पर रिहायशी या कमर्शियल तय नहीं है। वहां फिलहाल जमीनी स्थिति में बदलाव नहीं होगा, हालांकि कागजी कार्यवाही जारी रहेगी।

कोर्ट ने अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने को भी कहा है। चुनिंदा संपत्तियों पर कार्रवाई और दूसरों को छोड़ने का मामला सामने आने पर अदालत सख्त रुख अपनाएगी।

मुकदमा लंबित होना सीलिंग में बाधा नहीं

आदेश के मुताबिक, मालिकाना हक या अन्य विवाद का मुकदमा लंबित होने से सीलिंग नहीं रुकेगी, यदि संपत्ति का इस्तेमाल मंजूर उद्देश्य के खिलाफ है। पूरी तरह बिना अनुमति बने निर्माणों पर कानून के अनुसार सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 को होगी। राज्यों और संबंधित प्राधिकरणों को उससे एक सप्ताह पहले ताजा स्थिति रिपोर्ट देनी है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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