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गुरुग्राम मेट्रो के लिए जमीन खरीद नीति फेल, 95% मालिक नहीं हुए राजी; अब 2013 एक्ट से होगा अधिग्रहण

गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के रास्ते में आ रही निजी जमीन अब आपसी सहमति से खरीदने के बजाय भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ली जाएगी। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को सामने आई ताजा स्थिति के मुताबिक तीन दौर की बातचीत के बाद भी स…

Gurugram Metro land acquisition Old Gurugram Metro project
Gurugram Metro land acquisition Old Gurugram Metro project
खबर की मुख्य बातें
  • सिर्फ 5 प्रतिशत जमीन मालिक बिक्री के लिए तैयार
  • सिर्फ 5 प्रतिशत जमीन मालिक बिक्री के लिए तैयार
  • अब 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून से होगी कार्रवाई

गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के रास्ते में आ रही निजी जमीन अब आपसी सहमति से खरीदने के बजाय भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ली जाएगी। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को सामने आई ताजा स्थिति के मुताबिक तीन दौर की बातचीत के बाद भी सिर्फ 5 प्रतिशत जमीन मालिक जमीन बेचने के लिए तैयार हुए, जबकि 95 प्रतिशत ने सहमति नहीं दी।

इसके बाद हरियाणा सरकार ने कन्हेई, इस्लामपुर और बसई में मेट्रो के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत करने का फैसला लिया है। इन तीनों गांवों में पहले चरण और मेट्रो डिपो के लिए करीब 10,883 वर्ग मीटर निजी जमीन की जरूरत है।

जनवरी में ही रखा गया था अधिग्रहण का दूसरा रास्ता

हरियाणा सरकार ने 8 जनवरी 2026 को गुरुग्राम मेट्रो के लिए निजी जमीन सीधे खरीदने की पॉलिसी नोटिफाई की थी। मकसद लंबी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से बचते हुए जरूरी निजी जमीन मालिकों से बातचीत करके जल्दी खरीदना था। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली 9 सदस्यीय कमेटी को जमीन की कीमत तय करने और मालिकों से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई थी।

लेकिन इस पॉलिसी में शुरुआत से ही एक दूसरा रास्ता भी रखा गया था। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक यदि कोई मालिक जमीन बेचने से मना करता है, आपत्ति करता है या बातचीत से खरीद में शामिल नहीं होना चाहता तो उसकी जमीन 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ली जा सकती है। अब 95 प्रतिशत मालिकों की सहमति नहीं मिलने के बाद सरकार इसी प्रावधान की तरफ बढ़ी है।

सहमति से जमीन देने पर मिलना था 25 प्रतिशत ज्यादा पैसा

जमीन खरीद पॉलिसी में मालिकों को सहमत करने के लिए मुआवजे पर अतिरिक्त रकम का प्रावधान भी रखा गया था। जमीन और उस पर बनी संपत्ति का मुआवजा 2013 एक्ट की धारा 26 से 30 और शेड्यूल-1 के आधार पर निकालने के बाद 25 प्रतिशत अतिरिक्त रकम सीधे खरीद के इंसेंटिव के तौर पर दी जानी थी। इसमें पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े लाभ भी शामिल थे।

इसके बावजूद बात नहीं बन सकी। इस्लामपुर के कुछ जमीन मालिकों ने जमीन के बदले जमीन या ज्यादा मुआवजे की मांग रखी, जबकि कुछ ने परिवार के सदस्यों को जीएमआरएल में नौकरी देने की मांग की। बसई में भी एक जमीन मालिक की तरफ से पांच लाख रुपये प्रति वर्ग गज मुआवजे की मांग सामने आई थी।

यहां एक पुराना अपडेट भी मौजूदा स्थिति को समझने में अहम है। जून में अधिकारियों ने बताया था कि बसई के जमीन मालिक जमीन देने को तैयार हो गए हैं और इस्लामपुर में भी बाकी मालिकों से जल्द सहमति मिलने की उम्मीद है। तीन महीने बाद हुई समीक्षा में कुल सहमति सिर्फ 5 प्रतिशत रहना बताता है कि सीधे खरीद का तरीका जमीन की अड़चन दूर नहीं कर पाया।

तीन गांवों की करीब 10,883 वर्ग मीटर जमीन चाहिए

मेट्रो के पहले चरण और सेक्टर-33 में बनने वाले डिपो के लिए कन्हेई, इस्लामपुर और बसई में निजी जमीन चाहिए। कन्हेई में करीब 534 वर्ग मीटर, इस्लामपुर में लगभग 8,653 वर्ग मीटर और बसई में करीब 1,695 वर्ग मीटर जमीन चिन्हित की गई है। मई में जीएमआरएल की जमीन खरीद कमेटी ने इन जमीनों को लेकर सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया था।

पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक मेट्रो का निर्माण चल रहा है। सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो बनाया जाना है। सरकार ने इसके साथ बिजली घर, हाईटेंशन लाइन, गैस और पेयजल लाइन जैसी दूसरी अड़चनों को हटाने के लिए भी अलग-अलग समयसीमा तय की है।

जीएमआरएल की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक मौजूदा स्वीकृत गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर में मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मुख्य लाइन और बसई से द्वारका एक्सप्रेसवे की स्पर लाइन शामिल है। इसमें 27 एलिवेटेड स्टेशन और एक डिपो प्रस्तावित है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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