गोगामेड़ी मेला 2026 संपन्न, 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई धोक; जाने कितनी हुई इनकम
लोकल हरियाणा, चोपटा। हरियाणा सीमा से सटे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक महीने तक चला गोगामेड़ी मेला 2026 शनिवार, 26 सितंबर को संपन्न हो गया। मेला प्रशासन के अनुसार इस बार 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गोगाजी महाराज…

लोकल हरियाणा, चोपटा। हरियाणा सीमा से सटे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक महीने तक चला गोगामेड़ी मेला 2026 शनिवार, 26 सितंबर को संपन्न हो गया। मेला प्रशासन के अनुसार इस बार 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गोगाजी महाराज और गुरु गोरखनाथ मंदिर में धोक लगाई।
मेले के समापन के साथ पशु मेले का भी समापन किया गया। भादरा विधायक संजीव बेनीवाल, मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव और अन्य अधिकारियों ने गोगाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर समाधि पर चादर चढ़ाई। इस साल श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, एलईडी स्क्रीन, रैन बसेरे और मुफ्त चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं भी की गईं।
28 अगस्त से चल रहा था गोगामेड़ी मेला
गोगामेड़ी का वार्षिक मेला इस बार 28 अगस्त से 26 सितंबर 2026 तक चला। गोगा नवमी के आसपास सबसे अधिक भीड़ रही। 5 सितंबर को ही करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
मेले में राजस्थान के साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गोगाजी को हिंदू श्रद्धालु वीर और मुस्लिम श्रद्धालु पीर के रूप में पूजते हैं। हनुमानगढ़ जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार गोगामेड़ी मेले में सामान्य तौर पर हर साल करीब 30 से 40 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं।

समापन समारोह में भादरा विधायक संजीव बेनीवाल ने देवस्थान विभाग की ओर से इस बार शुरू किए गए नए आयोजनों और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने अगले साल मेले की सुविधाओं के लिए अधिक बजट लाने की बात भी कही।
25 हजार लोगों को मिला मुफ्त इलाज
इस साल श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाए गए रैन बसेरों में आधुनिक सुविधाओं के साथ निःशुल्क चिकित्सालय भी चलाया गया। मेला प्रशासन के अनुसार यहां करीब 25 हजार मरीजों का इलाज किया गया और जरूरत के अनुसार दवाइयां भी दी गईं।
पूरे मेले के दौरान कोई गंभीर चिकित्सकीय हादसा दर्ज नहीं होने की जानकारी दी गई है। रैन बसेरों के आसपास श्रद्धालुओं के लिए भंडारों की व्यवस्था भी की गई थी।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में करीब 850 फीट स्थायी स्टील बैरिकेडिंग का इस्तेमाल किया गया। इससे दर्शन के लिए कतारों को व्यवस्थित रखने के साथ श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से भी बचाव मिला। समाधि के दर्शन के लिए तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं।
मेला शुरू होने से पहले प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए 255 सीसीटीवी कैमरे लगाने और करीब 650 दुकानों के आवंटन की जानकारी दी थी।
पहली बार वेबसाइट से मिली मेला और लाइव दर्शन की जानकारी
इस बार जिला प्रशासन ने गोगाजी मंदिर के लिए एक अधिकृत वेबसाइट भी शुरू की। इसके जरिए श्रद्धालुओं को मंदिर, मेले और दर्शन से जुड़ी जानकारी के साथ लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। हनुमानगढ़ जिला प्रशासन की आधिकारिक गोगामेड़ी वेबसाइट पर मंदिर के समय और लाइव दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है।
देवस्थान विभाग ने इस बार पतंगबाजी और डायनासोर जैसे नए आकर्षण भी जोड़े। समापन के दौरान अंतरराष्ट्रीय कलाकार रामकुमार नाथ एंड पार्टी ने प्रस्तुतियां दीं और पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
इस बार मेले से कितनी हुई इनकम?
2026 गोगामेड़ी मेले की कुल आय का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। खबर लिखे जाने तक 6 करोड़ की आय की जानकारी सामने आई थी। मेले में दानपात्र, रसीद, अस्थायी दुकान और भूखंड आवंटन सहित अलग-अलग स्रोतों से आय की गिनती अभी भी चल रही है। अंतिम गणना सामने आने के बाद ही इस साल की वास्तविक आय स्पष्ट होगी।
पिछले साल यानी 2025 के मेले के समापन तक कुल आय 8.87 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। इसमें दानपात्र और रसीदों से करीब 3.09 करोड़ रुपये आए थे, जबकि उस समय भी करीब 20 से 25 लाख रुपये की गिनती बाकी बताई गई थी। 2024 में कुल आय करीब 7.71 करोड़ रुपये रही थी।
इससे पहले 2024 में देवस्थान विभाग को भेंट-चढ़ावे और अस्थायी दुकानों व भूखंडों सहित करीब 7.71 करोड़ रुपये की आय हुई थी। उस वर्ष करीब 24.58 लाख श्रद्धालु मेले में पहुंचे थे।
2026 में श्रद्धालुओं की संख्या 40 लाख से अधिक बताई गई है, लेकिन केवल बढ़ी हुई भीड़ के आधार पर इस साल की आय का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। अंतिम आंकड़ा देवस्थान विभाग की गणना के बाद ही स्पष्ट होगा।








