हरियाणा के 3 बड़े शहरों को जोड़ेगी नमो भारत ट्रेन, 136 KM रूट पर बनेगें 17 स्टेशन
Haryana Namo Bharat Train: हरियाणा में दिल्ली से करनाल तक नमो भारत ट्रेन चलाने की दिशा में एक और बड़ा काम पूरा हो गया है। प्रस्तावित दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की मिट्टी जांच और जियोटेक्निकल सर्वे पूरा कर लिया गया है…

Haryana Namo Bharat Train: हरियाणा में दिल्ली से करनाल तक नमो भारत ट्रेन चलाने की दिशा में एक और बड़ा काम पूरा हो गया है। प्रस्तावित दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की मिट्टी जांच और जियोटेक्निकल सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर एलिवेटेड ट्रैक और पिलरों की नींव का डिजाइन तय किया जाएगा। करीब 136 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 17 स्टेशन बनाए जाने हैं। परियोजना पर लगभग 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की मिट्टी जांच पूरी
चंडीगढ़। दिल्ली से करनाल के बीच नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। कॉरिडोर के निर्माण से पहले जरूरी मिट्टी परीक्षण और जियोटेक्निकल जांच का काम पूरा हो गया है।
इस जांच के लिए दिल्ली से करनाल तक निर्धारित अंतराल पर मशीनों से जमीन की खुदाई की गई। अलग-अलग स्थानों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में भेजे गए।
जांच में मिट्टी की प्रकृति, मजबूती और भार सहने की क्षमता का आकलन किया गया। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर तय करेंगे कि किन स्थानों पर पिलरों की नींव किस प्रकार तैयार करनी होगी।
मिट्टी परीक्षण पूरा होने से एलिवेटेड ट्रैक और अन्य निर्माण संरचनाओं की तकनीकी योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
दिल्ली से करनाल तक 136 किलोमीटर लंबा होगा नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की प्रस्तावित लंबाई करीब 136 किलोमीटर है। यह सरकार की प्राथमिकता वाली परिवहन परियोजनाओं में शामिल है।
नमो भारत ट्रेन का संचालन दिल्ली के सराय काले खां से प्रस्तावित है। यहां से ट्रेन नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत होते हुए करनाल पहुंचेगी।
इस कॉरिडोर के जरिए दिल्ली के साथ हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और करनाल क्षेत्र को रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
दिल्ली से करनाल का सफर करीब डेढ़ घंटे में होगा पूरा
नमो भारत कॉरिडोर तैयार होने के बाद दिल्ली से करनाल तक का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा होने का अनुमान है।
इस परियोजना से दिल्ली और हरियाणा के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खासकर सोनीपत, पानीपत और करनाल से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को तेज परिवहन का नया विकल्प मिलेगा।
कॉरिडोर का रूट दिल्ली के सराय काले खां से करनाल तक निर्धारित किया गया है।
33 हजार करोड़ रुपये होंगे खर्च, हरियाणा सरकार देगी 7,472 करोड़
दिल्ली-करनाल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना पर लगभग 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस परियोजना में हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी 7,472 करोड़ रुपये होगी। कॉरिडोर के निर्माण के लिए रूट में आने वाली जमीन की सीधे खरीद करने की योजना भी तैयार की गई है।
मिट्टी जांच पूरी होने के बाद अब निर्माण से जुड़े तकनीकी डिजाइन और पिलरों की नींव निर्धारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
दिल्ली से करनाल के बीच बनेंगे 17 स्टेशन
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इन स्टेशनों को दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।
कॉरिडोर में नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा और पानीपत समेत कई प्रमुख स्थानों को शामिल किया गया है। करनाल क्षेत्र में भी स्टेशन विकसित करने की योजना है।
अब एलिवेटेड ट्रैक और पिलरों की नींव का डिजाइन होगा तय
जियोटेक्निकल जांच पूरी होने के बाद कॉरिडोर की तकनीकी तैयारियों का अगला चरण आगे बढ़ेगा।
अलग-अलग स्थानों की मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर पिलरों की नींव की संरचना तय करेंगे। इसमें जमीन की मजबूती और उस पर पड़ने वाले भार का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इस प्रक्रिया से कॉरिडोर के एलिवेटेड ट्रैक और पिलरों के सुरक्षित तथा टिकाऊ निर्माण की तकनीकी योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।








