हरियाणा में बढ़ेगी मेट्रो की रफ्तार, बल्लभगढ़ से पलवल तक 28 किलोमीटर लंबा रूट मंजूर। Ballabgarh To Palwal Metro
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो परियोजना एक कदम और आगे बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित करीब 28 किलोमीटर लंबे मेट्रो र…

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो परियोजना एक कदम और आगे बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित करीब 28 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है। अब आगे केंद्र स्तर की मंजूरी के बाद परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
प्रस्तावित रूट पर करीब 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। पूरी मेट्रो लाइन जमीन के ऊपर यानी एलिवेटेड होगी। इससे बल्लभगढ़ और पलवल के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को भविष्य में सड़क यातायात के अलावा एक और तेज सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकेगा।
बल्लभगढ़ से पलवल तक दौड़ेगी मेट्रो!
परियोजना की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेज दिया है।
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बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो कहां से शुरू होगी?
प्रस्तावित विस्तार बल्लभगढ़ की तरफ से शुरू होकर पलवल तक जाएगा। उपलब्ध परियोजना जानकारी के अनुसार पलवल में आखिरी स्टेशन लघु सचिवालय परिसर के पास प्रस्तावित किया गया है, जबकि मेट्रो लाइन का अंतिम छोर पलवल पुलिस लाइन के आसपास रखने की योजना है। हालांकि स्टेशन की अंतिम जगहों को लेकर आगे की मंजूरी प्रक्रिया के दौरान बदलाव संभव है।
अभी रूट की लंबाई करीब 28 किलोमीटर बताई गई है और इस पर लगभग 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
वर्ष 2023 में किए गए शुरुआती तकनीकी अध्ययन के समय रूट करीब 25 किलोमीटर लंबा बताया गया था। बाद में परियोजना के प्रस्तावित रूट को बढ़ाकर करीब 28 किलोमीटर किया गया।
क्या बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो को अंतिम मंजूरी मिल गई है?
अभी नहीं। मुख्यमंत्री की मंजूरी अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मिली है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजी गई है। यानी राज्य स्तर की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार की मंजूरी और परियोजना से जुड़ी दूसरी औपचारिक प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि परियोजना आगे बढ़ गई है, न कि निर्माण तुरंत शुरू हो गया है।
बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो पर कितना खर्च आएगा?
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि यह शुरुआती अनुमान है और अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, केंद्र की मंजूरी तथा निर्माण से पहले होने वाली दूसरी प्रक्रियाओं के दौरान लागत में बदलाव हो सकता है।
परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को दिए जाने की संभावना बताई गई है।
पलवल तक मेट्रो पहुंचने से किसे फायदा होगा?
बल्लभगढ़-पलवल के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और दूसरे कामों के लिए आवागमन करते हैं। अभी इस पूरे क्षेत्र में सड़क परिवहन पर काफी निर्भरता है।
मेट्रो विस्तार पूरा होने के बाद पलवल के यात्रियों को बल्लभगढ़ और फरीदाबाद की तरफ बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। आगे बल्लभगढ़ के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ाव होने से दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
पलवल के अलावा सिकरी, पृथला और बल्लभगढ़-पलवल के बीच विकसित हो रहे औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को भी मेट्रो परियोजना से फायदा हो सकता है।
हरियाणा सरकार फरीदाबाद-बल्लभगढ़ से पलवल तक सड़क संपर्क सुधारने पर भी काम कर रही है। इससे पहले आगरा नहर के दोनों तरफ बेहतर सड़क मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया था।
10 मेट्रो स्टेशन कहां-कहां बनेंगे?
फिलहाल परियोजना में करीब 10 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। हालांकि सभी 10 स्टेशनों की अंतिम आधिकारिक सूची को अभी अंतिम मंजूरी के बाद ही पक्का माना जाना चाहिए।
पलवल लघु सचिवालय के पास आखिरी स्टेशन प्रस्तावित होने की जानकारी सामने आई है। बाकी स्टेशनों के नाम और सटीक जगहों को लेकर अंतिम परियोजना दस्तावेज और मंजूरी का इंतजार करना बेहतर होगा।
इसी वजह से पुराने तकनीकी अध्ययन में बताए गए स्टेशनों को अभी अंतिम सूची मानकर लिखना सही नहीं होगा।
बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो का निर्माण कब शुरू होगा?
अभी निर्माण शुरू होने की कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की गई है।
पहले केंद्र सरकार के स्तर पर परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट पर प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद वित्तीय मंजूरी, निर्माण एजेंसी, टेंडर और दूसरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही काम जमीन पर शुरू हो सकेगा।
इसलिए फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही किसी तय निर्माण या शुरुआत की तारीख पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
गुरुग्राम-पंचगांव मेट्रो परियोजना भी आगे बढ़ी
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बैठक में केवल बल्लभगढ़-पलवल परियोजना ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम की दूसरी मेट्रो परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
सेक्टर-56 से पंचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो रूट की लंबाई 35.25 किलोमीटर है और इस पर 28 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार पहले भी अधिकारियों को इस परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तय समय में पूरी करने के निर्देश दे चुकी है।
पंचगांव में इस मेट्रो रूट को भविष्य के नमो भारत नेटवर्क और दूसरी सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं से जोड़ने की योजना है।
रैपिड मेट्रो में बढ़े यात्री
बैठक में गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के यात्रियों का आंकड़ा भी रखा गया। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच करीब 88.81 लाख यात्रियों ने रैपिड मेट्रो में सफर किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या करीब 79.56 लाख थी।
इस हिसाब से यात्रियों की संख्या में करीब 11.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो परियोजना के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि राज्य सरकार की ओर से अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मंजूरी मिल चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट केंद्र के पास पहुंच गई है। अब केंद्र की मंजूरी, लागत और निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी।








