हरियाणः बीकेई ने रोड़ी अनाज मंडी में फूंका सरकार का पुतला, धान खरीद को लेकर नाराज है किसान
सिरसा। रोड़ी अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने और फसल पंजीकरण-वेरिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों को लेकर किसानों का विरोध बढ़ गया है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारत…

सिरसा। रोड़ी अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने और फसल पंजीकरण-वेरिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों को लेकर किसानों का विरोध बढ़ गया है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान एकता (बीकेई) से जुड़े किसानों और मजदूरों ने मंडी में सरकार का पुतला फूंका।
प्रदर्शन की अध्यक्षता बीकेई नेता गुरप्रीत सिंह जैलदार ने की। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि धान खरीद में देरी, खरीद पर लगाई जा रही लिमिट, फसल पंजीकरण और वेरिफिकेशन की समस्याओं से किसान परेशान हैं।
रोड़ी मंडी में खरीद शुरू न होने की समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है। 2 अक्टूबर तक यहां 1300 क्विंटल से ज्यादा धान पहुंचने की पुष्टि हुई थी, जबकि बीकेई का दावा है कि रविवार तक मंडी में करीब 2300 क्विंटल धान पड़ा है।

27 सितंबर से मंडी में धान लेकर बैठे हैं किसान
बीकेई के मुताबिक किसान भूपेंद्र सिंह की 8 एकड़, जरनैल सिंह की 14 एकड़, जंटा सिंह की 11 एकड़ और सेवा सिंह की 5 एकड़ सहित दूसरे किसानों की फसल कई दिनों से रोड़ी मंडी में पड़ी है। संगठन का कहना है कि धान में नमी 12 से 15 प्रतिशत के बीच होने के बावजूद अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी।
संगठन ने यह भी दावा किया कि लंबे समय तक फसल मंडी में पड़ी रहने से चोरी का खतरा बढ़ गया है और किसान भूपेंद्र सिंह की कुछ धान चोरी भी हो चुकी है। इस दावे की अलग से पुलिस पुष्टि सामने नहीं आई है।
सिरसा जिले में खरीद में देरी केवल रोड़ी तक सीमित नहीं है। 3 अक्टूबर तक जिले की मंडियों में करीब 6000 मीट्रिक टन पीआर धान पहुंच चुका था, लेकिन राइस मिलों का अलॉटमेंट पूरा नहीं होने के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी थी। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी हरवीर रावत ने बताया था कि सोमवार को आवेदनों की जांच के बाद मिल अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
खरीद लिमिट और वेरिफिकेशन की शर्तें हटाने की मांग
किसान नेताओं ने कंबाइन से फसल कटाई के लिए तय समय और धान खरीद पर लागू जिलेवार लिमिट को हटाने की मांग की है। बीकेई का कहना है कि ऐसी शर्तों के कारण किसानों को अपनी पूरी फसल सरकारी खरीद में बेचने में परेशानी हो रही है।
संगठन ने 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोले गए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों का पंजीकरण और वेरिफिकेशन जल्द पूरा करने की भी मांग की है।
हरियाणा सरकार के जनसंपर्क विभाग के PRMS पोर्टल पर जारी जानकारी के मुताबिक खरीफ-2026 में पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया था। इन मामलों में आवेदन मिलने के बाद जमीन और फसल की जांच कर वेरिफिकेशन करने की व्यवस्था की गई थी।
सरकार ने भी धान खरीद शुरू होने से पहले अधिकारियों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत एरिया वेरिफिकेशन प्राथमिकता से पूरा करने और सभी जिलों में राइस मिलरों का रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए थे। 25 सितंबर की मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में कहा गया था कि जहां राइस मिलरों की संख्या कम है, वहां दूसरे जिलों की मिलों को भी धान अलॉट करने की संभावना देखी जाए।
सोमवार से खरीद शुरू होने का मिला आश्वासन
लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि उन्होंने मंडियों में धान की खरीद शुरू न होने को लेकर डीएमई राहुल कुंडू से फोन पर बातचीत की। संगठन के मुताबिक उन्हें बताया गया कि राइस मिलरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार से खरीद शुरू कराई जाएगी।
यह जानकारी जिला स्तर पर चल रही प्रक्रिया से भी मेल खाती है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने 3 अक्टूबर को कहा था कि मिलों के आवेदनों की जांच चल रही है और सोमवार को अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बीकेई ने मंडियों और फोकल प्वाइंट पर ऐसे फ्लेक्स बोर्ड लगाने की मांग भी की है जिन पर फसल खरीद से जुड़े खर्च और मजदूरी की दर साफ लिखी हो, ताकि किसानों को भुगतान को लेकर जानकारी मिल सके।
लखविंदर सिंह औलख और गुरप्रीत सिंह जैलदार ने कहा कि किसानों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो किसान और मजदूर सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेंगे। प्रदर्शन में गुरविंदर सिंह, मुख्तियार सिंह, कुलवंत सिंह, मेजर सिंह, इकबाल सिंह, दिलप्रीत सिंह, भोला सिंह, कुलदीप चौधरी, दलजीत चहल सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे।








