हरियाणा में 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद, मंडी में जियोफेंसिंग से होगा किसान सत्यापन; जानें MSP और भुगतान प्रक्रिया
धान खरीद में MFMB रिकॉर्ड, जियोफेंसिंग और गेट पास से सत्यापन होगा। जानें 2441-2461 रुपये MSP, 17% नमी और 48-72 घंटे की भुगतान प्रक्रिया।

- हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी
- मंडी में जियोफेंसिंग से किसान सत्यापन के बाद गेट पास जारी किया जाएगा
- कॉमन धान का MSP 2,441 रुपये, ग्रेड-A का 2,461 रुपये; भुगतान 48–72 घंटे में खाते में भेजने की व्यवस्था
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़, 16 सितंबर। हरियाणा में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी। खरीद से पहले प्रदेश सरकार ने मंडियों में तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसान के मंडी पहुंचने से लेकर गेट पास, तुलाई, खरीद और भुगतान तक पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखी जाए।
इस बार सरकारी खरीद मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के पंजीकृत और सत्यापित रिकॉर्ड से जुड़ी रहेगी। मंडी में धान लेकर पहुंचने वाले किसान का जियोफेंसिंग के जरिए सत्यापन किया जाएगा और इसके बाद ही गेट पास जारी होगा। कॉमन धान का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-A का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय है।

मंडी में धान की सरकारी खरीद कैसे होगी?
इस बार किसान केवल फसल मंडी में लेकर पहुंच जाए, इतना ही पर्याप्त नहीं होगा। खरीद से पहले किसान और उसकी फसल का रिकॉर्ड मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल से मिलाया जाएगा।
मंडी पहुंचने पर किसान का जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद गेट पास जारी होगा। इसके बाद पोर्टल पर दर्ज फसल के रकबे और संबंधित क्षेत्र की तय औसत उपज का मिलान किया जाएगा। इसी आधार पर यह तय होगा कि किसान की कितनी फसल सरकारी खरीद में ली जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक किसानों की फसल खरीदना और गलत गेट पास या दूसरे राज्यों से अवैध तरीके से आने वाली धान पर रोक लगाना है। करनाल में प्रशासन ने खरीद शुरू होने से पहले गेट पास प्रक्रिया का डेमो लेकर जांच करने और जरूरत के अनुसार जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
हरियाणा का सरकारी eKharid portal भी किसान से लेकर quality check, storage और payment तक पूरी procurement process को digital system से जोड़ता है।
2026 में धान का MSP कितना है, नमी कितनी होनी चाहिए?
खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए कॉमन धान का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले सीजन की तुलना में दोनों श्रेणियों में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
| धान की श्रेणी | MSP 2026-27 |
|---|---|
| कॉमन धान | 2,441 रुपये प्रति क्विंटल |
| ग्रेड-A धान | 2,461 रुपये प्रति क्विंटल |
सरकारी खरीद में धान की गुणवत्ता भी जांची जाएगी। मौजूदा FAQ मानकों के अनुसार धान में अधिकतम 17 प्रतिशत नमी स्वीकार की जाती है। इसलिए किसान को फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडी में लानी चाहिए। केवल नमी ही नहीं, धान की सफाई और दूसरी गुणवत्ता शर्तों की भी जांच हो सकती है।
यहां एक बात साफ है कि 2,441 रुपये का MSP हर प्रकार के धान का एक समान भाव नहीं है। यह कॉमन धान की सरकारी MSP दर है, जबकि ग्रेड-A के लिए अलग 2,461 रुपये तय हैं। बासमती जैसी किस्मों का बाजार भाव मांग और किस्म के आधार पर अलग रहता है।
धान बेचने के बाद किसान को भुगतान कब मिलेगा?
सरकार ने खरीद से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया सीधे किसान के बैंक खाते से जोड़ रखी है। हाल की सरकारी जानकारी के अनुसार MSP पर खरीदी गई फसल का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर सीधे किसान के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि गेट पास जारी होने, धान की तुलाई और बिक्री के बाद भुगतान तक किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। भुगतान के लिए किसान की बैंक संबंधी जानकारी और खरीद रिकॉर्ड का सही होना इसलिए जरूरी है।
मंडियों में खरीद के साथ फसल उठान, बारदाना, बिजली, पानी, सफाई और किसानों के बैठने जैसी व्यवस्थाओं को भी समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पलवल प्रशासन ने भी 1 अक्टूबर से खरीद की पुष्टि करते हुए मंडियों में बिना गेट पास फसल की एंट्री नहीं करने और CCTV निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
अब किसानों के लिए सबसे जरूरी काम यह है कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा में दर्ज फसल और जमीन का रिकॉर्ड सही हो, क्योंकि खरीद के समय इसी सत्यापित जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।







