हरियाणा में राशन के लिए अंगूठा मैच न होने का झंझट खत्म, अब चेहरा वेरिफिकेशन से मिलेगा गेहूं, चीनी और तेल
चंडीगढ़। हरियाणा में राशन लेते समय फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने से परेशान होने वाले लाभार्थियों के लिए नई सुविधा शुरू होने जा रही है। UIDAI ने इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी ePDS के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन का नय…

चंडीगढ़। हरियाणा में राशन लेते समय फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने से परेशान होने वाले लाभार्थियों के लिए नई सुविधा शुरू होने जा रही है। UIDAI ने इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी ePDS के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन का नया विकल्प लॉन्च किया है। इस सुविधा के जरिए फिंगरप्रिंट से पहचान में दिक्कत आने पर चेहरे से लाभार्थी की पहचान सत्यापित की जा सकेगी।
इससे राशन डिपो पर पात्रता के अनुसार मिलने वाले गेहूं, चीनी और सरसों तेल जैसी राशन सामग्री लेने में बुजुर्गों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों को खास फायदा होगा।
केंद्र सरकार की 29 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस सुविधा को UIDAI, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और NIC ने मिलकर तैयार किया है। इसे फिंगरप्रिंट का विकल्प खत्म करके नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन माध्यम के रूप में शुरू किया गया है, जिसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने ePDS सिस्टम से जोड़ सकते हैं।
अंगूठा मैच न हो तो चेहरे से हो सकेगी पहचान
राशन डिपो पर अभी आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान के लिए ePOS मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार उम्र बढ़ने, लगातार शारीरिक श्रम करने या उंगलियों के निशान हल्के होने के कारण फिंगरप्रिंट सही तरीके से मैच नहीं हो पाता।
UIDAI के मुताबिक फेस ऑथेंटिकेशन में मौके पर स्कैन किए गए चेहरे का आधार बनवाते समय रिकॉर्ड हुई फोटो से मिलान किया जाता है। यह 1:1 और सहमति आधारित पहचान प्रक्रिया है। UIDAI ने फेस ऑथेंटिकेशन को घिसे या खराब फिंगरप्रिंट वाले लोगों के लिए उपयोगी वैकल्पिक माध्यम बताया है।
यानी जिस लाभार्थी के फिंगरप्रिंट से पहचान में समस्या आती है, उसके लिए ePDS में फेस ऑथेंटिकेशन एक और विकल्प उपलब्ध कराएगा।
बुजुर्गों और मजदूरों को मिलेगा ज्यादा फायदा
इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ ऐसे राशन कार्ड धारकों को हो सकता है जिनकी उंगलियों के निशान आसानी से स्कैन नहीं होते। इनमें बुजुर्गों के साथ खेतों, निर्माण कार्य और दूसरे शारीरिक श्रम से जुड़े लोग शामिल हैं।
हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग भी अपनी आधिकारिक जानकारी में मानता है कि कुछ बुजुर्ग और मजदूर साफ फिंगरप्रिंट नहीं होने के कारण आधार बायोमेट्रिक पहचान में परेशानी का सामना करते हैं। राज्य में ऐसे लाभार्थियों के लिए पहले से नॉमिनी, बेस्ट फिंगर डिटेक्शन और फ्यूजन जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
फेस ऑथेंटिकेशन जुड़ने से पहचान का एक और तरीका उपलब्ध हो जाएगा और हर बार केवल अंगूठे या उंगली के निशान पर निर्भरता कम होगी।
हरियाणा में आधार से जुड़ा है राशन वितरण सिस्टम
हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पहले से आधार आधारित AePDS से जुड़ी हुई है और राशन डिपो पर ePOS मशीनों के जरिए लाभार्थियों की पहचान की जाती है। राज्य का SMART-PDS पोर्टल राशन वितरण, पोर्टेबिलिटी और आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड संभालता है।
अक्टूबर में पात्र राशन कार्ड धारकों को निर्धारित श्रेणी के अनुसार खाद्यान्न और दूसरी राशन सामग्री वितरित की जा रही है। राज्य सरकार की सितंबर में जारी आधिकारिक जानकारी में भी पात्र एएवाई और बीपीएल परिवारों के लिए गेहूं तथा चीनी वितरण का प्रावधान बताया गया था।
सरसों तेल भी पात्र बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिया जाता है। अलग-अलग महीनों के बकाया तेल के वितरण के लिए भी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समय-समय पर निर्देश जारी करता रहा है।








