हरियाणा में 21 अक्टूबर से फिर शुरू होगा राशन डिपो पर सरसों तेल, लेकिन इस 500 ML से 1.5 लीटर की होगी पैकिंग
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को राशन डिपो से सरसों तेल देने की व्यवस्था फिर शुरू होने जा रही है। विभाग की मौजूदा योजना के अनुसार 21 अक्टूबर 2026 से वितरण शुरू करने की तैयारी…

- करीब 39.89 लाख बीपीएल-एएवाई परिवारों को लाभ
- 500 एमएल, 1 लीटर और 1.5 लीटर की पैकिंग
- अगस्त से अक्टूबर के लिए 1.04 करोड़ लीटर तेल की तैयारी
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को राशन डिपो से सरसों तेल देने की व्यवस्था फिर शुरू होने जा रही है। विभाग की मौजूदा योजना के अनुसार 21 अक्टूबर 2026 से वितरण शुरू करने की तैयारी है। इस बार तेल की पैकिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले इस्तेमाल होने वाली 1 और 2 लीटर की पैकिंग के बजाय अब 500 एमएल, 1 लीटर और 1.5 लीटर की बोतलें डिपो तक भेजी जाएंगी। इससे प्रदेश के करीब 39.89 लाख बीपीएल और एएवाई परिवारों को लाभ मिलेगा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड को अगस्त, सितंबर और अक्टूबर की जरूरत को देखते हुए करीब 104 लाख लीटर सरसों तेल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। योजना के मुताबिक 10 से 15 अक्टूबर तक तेल जिलों के फोकल प्वाइंट तक और 15 से 20 अक्टूबर के बीच राशन डिपो तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके बाद 21 अक्टूबर से लाभार्थियों को वितरण शुरू किया जाना है।
किन राशन कार्ड धारकों को मिलेगा सरसों तेल?
यह व्यवस्था मुख्य रूप से हरियाणा के पात्र बीपीएल और एएवाई परिवारों के लिए है। राज्य का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना कार्ड धारकों को राशन की सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
नई सप्लाई अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 की जरूरत को ध्यान में रखकर मंगाई जा रही है। अगस्त के लिए करीब 30 लाख लीटर और सितंबर व अक्टूबर के लिए करीब 37-37 लाख लीटर तेल की व्यवस्था बताई गई है।
क्या अब भी 2 लीटर सरसों तेल 100 रुपये में मिलेगा?
यह इस अपडेट का सबसे जरूरी सवाल है। पुरानी व्यवस्था में पात्र परिवार को दो लीटर कच्ची घानी सरसों तेल 100 रुपये में दिया जाता था। अगस्त 2026 से नियमित तेल वितरण की जगह 250 रुपये सीधे बैंक खाते में भेजने का फैसला सामने आया था। अब विभाग फिर से राशन डिपो के जरिए तेल देने की व्यवस्था पर लौट रहा है।
हालांकि नई सप्लाई में पैकिंग 500 एमएल, 1 लीटर और 1.5 लीटर रखी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में लाभार्थी से नई पैकिंग के हिसाब से लिया जाने वाला अंतिम शुल्क अभी साफ नहीं है। इसलिए फिलहाल यह मानना सही नहीं होगा कि हर पैक पर पुरानी दर उसी तरह लागू होगी। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नई पैकिंग के लिए लाभार्थी दर अभी तय होनी बाकी है।
इसी तरह पुरानी दो लीटर प्रति परिवार की व्यवस्था बहाल होने की रिपोर्ट है, लेकिन नई छोटी पैकिंग के चलते वास्तविक वितरण किस combination में होगा, यह डिपो पर जारी अंतिम निर्देश से साफ होगा।
जिनके खाते में 250 रुपये आए हैं, उन्हें भी तेल मिलेगा?
अगस्त 2026 से सरकार ने सरसों तेल की जगह 250 रुपये DBT देने की व्यवस्था शुरू की थी। अब physical oil supply दोबारा शुरू की जा रही है। लेकिन जिन परिवारों को किसी महीने के लिए 250 रुपये पहले ही मिल चुके हैं, उनके उसी महीने के तेल का adjustment कैसे होगा, इस पर उपलब्ध नई सूचना में अलग स्पष्ट नियम नहीं दिया गया है। इसलिए ऐसे मामलों में राशन डिपो के रिकॉर्ड और विभाग के अंतिम वितरण निर्देश के अनुसार पात्रता तय होगी।
LocalHaryana की पिछली रिपोर्ट में भी अगस्त से नई तेल सप्लाई बंद होने और पात्र परिवारों को 250 रुपये बैंक खाते में भेजने वाली व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। बाद में अगस्त के पुराने बचे स्टॉक को 15 सितंबर तक बांटने का समय दिया गया था।
डिपो पर तेल नहीं मिले तो कहां करें शिकायत?
अगर पात्र परिवार के राशन डिपो पर निर्धारित सप्लाई पहुंचने के बाद भी तेल नहीं मिलता या वितरण में दूसरी परेशानी आती है तो खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की PDS हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है।
विभाग ने 1967 और 1800-180-2087 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किए हुए हैं।
प्रदेश में सरसों तेल वितरण की व्यवस्था पहले भी कई बार बदली जा चुकी है। वर्ष 2018 में एक लीटर तेल दिया जाता था, बाद में मात्रा दो लीटर की गई। वर्ष 2021 में सप्लाई प्रभावित होने पर नकद राशि दी गई और 2022 में दोबारा राशन डिपो पर तेल शुरू हुआ। अगस्त 2026 में फिर 250 रुपये DBT का फैसला हुआ और अब अक्टूबर में physical oil distribution वापस लाने की तैयारी है।








