रविवार, 27 सितम्बर 2026 | 02:26 ISTहमसे जुड़ें:
हरियाणा

हरियाणा में सरकारी कामों में गड़बड़ी रोकने के लिए नया सिस्टम, निर्माण के दौरान 6 बार होगा निरीक्षण

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क, सरकारी बिल्डिंग, पानी, सीवरेज, सिंचाई और बिजली से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अब काम पूरा होने के बाद ही नहीं, बल्कि निर्माण के दौरान अलग-अलग चरणों में जांची जाएगी। शु…

हरियाणा में सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच करते इंजीनियर
हरियाणा में सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच करते इंजीनियर
खबर की मुख्य बातें
  • ₹10 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट में छह चरणों पर निरीक्षण
  • साइट पर मिली हर कमी का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
  • निरीक्षण रिपोर्ट तीन कार्य दिवस में देनी होगी

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क, सरकारी बिल्डिंग, पानी, सीवरेज, सिंचाई और बिजली से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अब काम पूरा होने के बाद ही नहीं, बल्कि निर्माण के दौरान अलग-अलग चरणों में जांची जाएगी। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी ने नया निरीक्षण ढांचा मंजूर किया है।

इसके तहत 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट का सुपरिटेंडिंग इंजीनियर छह अलग-अलग चरणों में निरीक्षण करेगा। बड़ी परियोजनाओं में चीफ इंजीनियर और इंजीनियर-इन-चीफ के निरीक्षण भी तय किए गए हैं।

काम पूरा होने से पहले ही पकड़नी होंगी कमियां

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि निर्माण में खराब सामग्री, डिजाइन के मुताबिक काम नहीं होने या दूसरी तकनीकी कमी का पता प्रोजेक्ट पूरा होने का इंतजार किए बिना लगाया जाएगा।

हरियाणा की क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी पहले से सड़क, भवन, सिंचाई, पब्लिक हेल्थ और बिजली समेत विभिन्न विभागों की परियोजनाओं के तकनीकी ऑडिट कर रही है। जून में सरकार ने बताया था कि QAA ऑडिट में मिली कमियों के बाद संबंधित विभागों को सुधार करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए थे। कुछ मामलों में अधिकारियों पर कार्रवाई और ठेकेदार से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी।

अब नियमित निरीक्षण को सीधे निर्माण की प्रगति से जोड़ दिया गया है, ताकि गलती मिलने पर उसी समय सुधार कराया जा सके।

कुरुक्षेत्र में पिहोवा-ढांड रोड होगा चौड़ा, 1 KM फोरलेन के लिए 7.34 करोड़ मंजूर

गुरुग्राम की 50 सोसायटियों और 12 गांवों को मिलेगा नया रास्ता, राघोपुर में बनेगी 2 KM सड़क

10 करोड़ के प्रोजेक्ट की इन 6 चरणों पर होगी जांच

नए फ्रेमवर्क में प्रोजेक्ट की लागत के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।

10 करोड़ रुपये या इससे अधिक की परियोजना में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर निर्माण की 15, 30, 45, 60, 75 और 90 प्रतिशत प्रगति पर निरीक्षण करेगा। इस तरह काम लगभग पूरा होने से पहले ही छह अलग-अलग चरणों में गुणवत्ता की जांच होगी।

25 करोड़ रुपये या इससे अधिक की परियोजना में चीफ इंजीनियर 20, 40, 60 और 80 प्रतिशत प्रगति पर चार बार निरीक्षण करेगा।

वहीं 50 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी परियोजना का इंजीनियर-इन-चीफ 50 और 90 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर निरीक्षण करेगा।

इस व्यवस्था से महंगे प्रोजेक्ट में सिर्फ साइट स्तर के इंजीनियर पर निगरानी निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि वरिष्ठ इंजीनियर भी तय चरणों पर सीधे काम की स्थिति देखेंगे।

साइट पर मिली कमी का रहेगा लिखित रिकॉर्ड

हर प्रोजेक्ट साइट पर अब साइट ऑर्डर बुक रखी जाएगी। निरीक्षण करने वाले अधिकारी को निर्माण में मिली कमी, तकनीकी निर्देश और उसे ठीक करने के लिए बताए गए उपाय इसमें दर्ज करने होंगे।

इसके बाद यह देखा जा सकेगा कि पिछली जांच में बताई गई कमी अगले चरण तक ठीक हुई या नहीं। निरीक्षण अधिकारी को अपनी रिपोर्ट तीन कार्य दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी को भेजनी होगी।

हरियाणा सरकार पहले भी निर्माण परियोजनाओं में डिजाइन, डीपीआर, थर्ड-पार्टी निरीक्षण और साइट की जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दे चुकी है। जून में सरकार ने प्रोजेक्ट साइट पर लागत, अवधि, एजेंसी और प्रगति की जानकारी देने वाले QR कोड की व्यवस्था पर भी काम शुरू करने की जानकारी दी थी।

हर प्रोजेक्ट को मिलेगा क्वालिटी स्कोर

निरीक्षण रिपोर्ट में केवल कमियां लिखना ही पर्याप्त नहीं होगा। तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मेथड्स एंड प्रोसीजर्स के आधार पर प्रोजेक्ट का क्वालिटी स्कोर भी दर्ज किया जाएगा।

इन निरीक्षण रिकॉर्ड का इस्तेमाल संबंधित अधिकारियों के प्रदर्शन और वार्षिक मूल्यांकन में भी किया जा सकेगा। इससे यह रिकॉर्ड रहेगा कि किस अधिकारी के कार्यकाल में प्रोजेक्ट की गुणवत्ता कैसी रही और निरीक्षण में सामने आई कमियों पर समय रहते कार्रवाई हुई या नहीं।

सरकार के जून के QAA review में भी सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता के लिए विभागों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होने की बात कही गई थी। यहां तक कि थर्ड-पार्टी एजेंसी लगाए जाने के बाद भी संबंधित विभाग को परियोजना की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार रखने का निर्देश दिया गया था।

सड़क से लेकर सीवरेज और बिजली प्रोजेक्ट तक दायरे में

क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी सड़क और सरकारी भवनों तक सीमित नहीं है। इसके तकनीकी ऑडिट के दायरे में सड़क, बिल्डिंग, जलापूर्ति, सीवरेज, सिंचाई और बिजली पारेषण से संबंधित सरकारी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट भी आते हैं।

QAA ने इससे पहले PWD, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, सिंचाई, HSVP, HSIIDC, बिजली निगम, GMDA और अन्य इंजीनियरिंग विभागों की परियोजनाओं के तकनीकी ऑडिट किए हैं।

नई व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण पूरा होने के बाद खराबी सामने आने पर मरम्मत कराने के बजाय काम चलते समय ही कमी पकड़कर सुधार कराना है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें